पथरई आश्रम में 24 घंटे का सीताराम अखंड कीर्तन, भक्ति में डूबे श्रद्धालु

छिंदवाड़ा जिले के उमरेठ तहसील अंतर्गत ग्राम गाजनडोह-पथरई स्थित श्रीराम मंदिर में 24 घंटे के सीताराम अखंड कीर्तन का आयोजन किया गया। विभिन्न भजन मंडलियों की प्रस्तुतियों और आध्यात्मिक प्रवचनों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर रहा।

Jun 13, 2026 - 11:52
Jun 13, 2026 - 11:54
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पथरई आश्रम में 24 घंटे का सीताराम अखंड कीर्तन, भक्ति में डूबे श्रद्धालु

UNITED NEWS OF ASIA. वीरेंद्र यादव, छिंदवाड़ा l छिंदवाड़ा जिले की उमरेठ तहसील अंतर्गत ग्राम गाजनडोह-पथरई स्थित श्रीराम मंदिर में 24 घंटे के सीताराम अखंड कीर्तन का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र की अनेक भजन मंडलियों ने भाग लेकर अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मौजूद रही और पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।

अखंड कीर्तन में विभिन्न मंडलियों द्वारा सीताराम नाम संकीर्तन और भक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दी गईं। अलग-अलग तर्ज और शैली में प्रस्तुत किए गए भजनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कीर्तन के दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीराम और माता सीता के जयकारों के साथ भक्ति में लीन नजर आए।

कार्यक्रम में पूज्य महंत राज किशोर दास महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए धर्म, भक्ति और सत्संग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि वर्तमान समय में भगवान के नाम का स्मरण और भक्ति मनुष्य जीवन को सार्थक बनाने का सर्वोत्तम मार्ग है। उन्होंने सीताराम नाम की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि नियमित भजन-कीर्तन और सत्संग से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा मानसिक शांति प्राप्त होती है।

महंत राज किशोर दास महाराज ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने और जीवन में सदाचार का पालन करने का संदेश भी दिया। उनके प्रवचन को सुनने के लिए आसपास के गांवों सहित दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और गुरुजी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस धार्मिक आयोजन का संचालन और व्यवस्था सरोद डेहरिया द्वारा की गई। आयोजन को सफल बनाने के लिए स्थानीय ग्रामीणों और भक्तों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न नृत्य मंडलियों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं, जिससे माहौल और अधिक उत्साहपूर्ण हो गया। भक्ति गीतों और संकीर्तन की मधुर धुनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए।

पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र भक्ति संगीत से गूंजता रहा। साउंड सिस्टम के माध्यम से प्रसारित भजनों और कीर्तन ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। श्रद्धालुओं ने इसे एक यादगार धार्मिक आयोजन बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों को समाज में आध्यात्मिक जागरूकता और सामाजिक एकता का माध्यम बताया।

कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम और माता सीता के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। आयोजकों ने सभी भजन मंडलियों, श्रद्धालुओं और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।