लोकसभा में राहुल गांधी की 'इडियट' टिप्पणी पर हंगामा, स्पीकर ने असंसदीय शब्द हटाने के दिए निर्देश

लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की 'इडियट' शब्द वाली टिप्पणी को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। स्पीकर ओम बिरला ने संबंधित शब्द को असंसदीय मानते हुए कार्यवाही से हटाने के निर्देश दिए।

Jul 29, 2026 - 16:38
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लोकसभा में राहुल गांधी की 'इडियट' टिप्पणी पर हंगामा, स्पीकर ने असंसदीय शब्द हटाने के दिए निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के समय नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की एक टिप्पणी को लेकर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने अपने भाषण में 'इडियट' शब्द का प्रयोग किया, जिस पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे सदन की गरिमा के प्रतिकूल बताया।

राहुल गांधी परीक्षा प्रणाली, छात्रों की समस्याओं और पेपर लीक के मुद्दे पर अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान उन्होंने छात्रों, शिक्षा व्यवस्था और 'अंधभक्त' शब्द का उल्लेख करते हुए 'इडियट' शब्द का इस्तेमाल किया। इस टिप्पणी के बाद एनडीए के सांसद अपनी सीटों से खड़े हो गए और उन्होंने इस शब्द को आपत्तिजनक बताते हुए इसे सदन की कार्यवाही से हटाने की मांग की।

संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि इस प्रकार की भाषा का प्रयोग संसद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने स्पीकर से अनुरोध किया कि संबंधित टिप्पणी को कार्यवाही से हटाया जाए। इसके बाद सदन में कुछ समय तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होती रही।

हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि यदि किसी सदस्य द्वारा इस्तेमाल किया गया कोई शब्द असंसदीय पाया जाता है, तो उसे नियमों के अनुसार कार्यवाही से हटाया जाएगा। राहुल गांधी ने भी कहा कि यदि 'इडियट' शब्द पर आपत्ति है तो उसकी जगह दूसरा शब्द इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके बाद स्पीकर ने संबंधित शब्द को असंसदीय मानते हुए लोकसभा की कार्यवाही से हटाने (एक्सपंज) के निर्देश दिए।

लोकसभा के नियम 380 के तहत स्पीकर को यह अधिकार प्राप्त है कि यदि किसी सदस्य द्वारा कही गई बात मानहानिकारक, अशोभनीय, असंसदीय अथवा सदन की गरिमा के प्रतिकूल मानी जाती है, तो उसे कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटाया जा सकता है।

अपने संबोधन में राहुल गांधी ने छात्रों के आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश के युवा लंबे समय तक पढ़ाई करते हैं, महंगी शिक्षा का बोझ उठाते हैं और बेहतर भविष्य की उम्मीद रखते हैं। उनका कहना था कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से समझने की आवश्यकता है और युवाओं के आक्रोश को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है और यदि छात्र सड़कों पर उतर रहे हैं तो उनकी बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि छात्रों का आंदोलन किसी नफरत से नहीं, बल्कि अपनी समस्याओं और भविष्य को लेकर चिंता से प्रेरित है। वहीं सत्ता पक्ष ने राहुल गांधी की टिप्पणी को अनुचित बताते हुए संसद में मर्यादित भाषा के प्रयोग पर जोर दिया। इस घटनाक्रम के बाद सदन की कार्यवाही कुछ समय तक बाधित रही, जिसके पश्चात चर्चा आगे बढ़ाई गई।