प्रधानमंत्री आवास योजना के गृह प्रवेश कार्यक्रम में विवाद, सरपंच पर सचिव से मारपीट का आरोप

कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत परवी में प्रधानमंत्री आवास योजना के गृह प्रवेश कार्यक्रम के दौरान सरपंच और पंचायत सचिव के बीच विवाद हो गया। सचिव ने सरपंच पर मारपीट का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं सरपंच ने सचिव पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Sep 12, 2026 - 20:03
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प्रधानमंत्री आवास योजना के गृह प्रवेश कार्यक्रम में विवाद, सरपंच पर सचिव से मारपीट का आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत परवी में प्रधानमंत्री आवास योजना के गृह प्रवेश कार्यक्रम के दौरान सरपंच और पंचायत सचिव के बीच विवाद का मामला सामने आया है। पंचायत सचिव ने सरपंच पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद सचिव ने भानुप्रतापपुर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। वहीं सरपंच की ओर से भी सचिव पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है। दोनों पक्षों के आरोपों के बीच पुलिस ने मामले को जांच में लिया है।

जानकारी के अनुसार, 11 सितंबर को प्रदेशभर में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हितग्राहियों के सामूहिक गृह प्रवेश कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। इसी क्रम में ग्राम पंचायत परवी में भी प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के लिए गृह प्रवेश कार्यक्रम रखा गया था। कार्यक्रम को लेकर पंचायत स्तर पर तैयारियां की गई थीं और हितग्राहियों की मौजूदगी में आयोजन किया गया।

बताया जा रहा है कि पंचायत सचिव की ओर से कार्यक्रम की जानकारी सरपंच को नहीं दी गई थी। जब सरपंच को किसी अन्य माध्यम से कार्यक्रम के आयोजन की जानकारी मिली, तो वह कार्यक्रम स्थल पहुंच गया। वहां उसने पंचायत सचिव से कार्यक्रम की जानकारी पहले से नहीं दिए जाने को लेकर सवाल किया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और देखते ही देखते मामला कहासुनी तक पहुंच गया।

पंचायत सचिव का आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद सरपंच ने उसके साथ मारपीट की। घटना के बाद सचिव भानुप्रतापपुर थाने पहुंचा और पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। सचिव की शिकायत के बाद पंचायत सचिव संघ की ओर से भी मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग किए जाने की जानकारी सामने आई है।

दूसरी ओर, सरपंच ने सचिव पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। सरपंच पक्ष का कहना है कि कार्यक्रम की जानकारी नहीं दिए जाने को लेकर जब सचिव से बात की गई, तब विवाद की स्थिति बनी। हालांकि विवाद के दौरान वास्तव में क्या हुआ और मारपीट की स्थिति किस तरह बनी, इसका स्पष्ट पता पुलिस जांच के बाद ही चल सकेगा।

ग्राम पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधि और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर भी यह मामला चर्चा में है। प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रमों में पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित कर्मचारियों के बीच समय पर सूचना का आदान-प्रदान जरूरी माना जाता है। कार्यक्रम की जानकारी को लेकर उत्पन्न विवाद के बाद मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है।

पुलिस शिकायत के आधार पर घटना से जुड़े दोनों पक्षों के बयान और अन्य तथ्यों की जांच कर सकती है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कार्यक्रम की सूचना को लेकर विवाद किस परिस्थिति में शुरू हुआ और इसके बाद दोनों पक्षों के बीच क्या हुआ। जांच के दौरान मौके पर मौजूद लोगों से भी जानकारी ली जा सकती है।

फिलहाल मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप सामने आए हैं। सचिव ने सरपंच पर मारपीट का आरोप लगाया है, जबकि सरपंच ने सचिव पर दुर्व्यवहार करने की बात कही है। ऐसे में घटना की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पंचायत स्तर पर हुए इस विवाद ने सरकारी योजनाओं के कार्यक्रमों में आपसी समन्वय और संवाद की जरूरत को भी सामने ला दिया है।