वाराणसी से लाए कलश की संत रविदास मंदिर में स्थापना, अहिरवार समाज ने रखी मंदिर विकास की मांग

दंतेवाड़ा जिले के बचेली में अहिरवार समाज ने संत शिरोमणि रविदास मंदिर में वाराणसी से लाए गए कलश की विधि-विधान से स्थापना की। धार्मिक आयोजन में समाज के लोगों के साथ जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान समाज ने वर्तमान मंदिर के जीर्णोद्धार और नए मंदिर निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग दोहराई।

Sep 12, 2026 - 19:45
Sep 12, 2026 - 19:47
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वाराणसी से लाए कलश की संत रविदास मंदिर में स्थापना, अहिरवार समाज ने रखी मंदिर विकास की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा l जिले के बचेली में अहिरवार समाज की ओर से शनिवार को संत शिरोमणि संत रविदास जी के मंदिर में धार्मिक आयोजन किया गया। पुलिस लाइन के पीछे स्थित मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में वाराणसी से विशेष रूप से लाए गए कलश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद स्थापना की गई। कलश स्थापना को लेकर समाज के लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। धार्मिक आयोजन में अहिरवार समाज के सदस्यों के साथ क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान संत रविदास जी की पूजा-अर्चना की गई। उपस्थित लोगों ने धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेकर संत रविदास जी के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। कार्यक्रम में ओजस्वी मंडावी, नंदलाल मुड़ामी, नगर पालिका अध्यक्ष राजू जायसवाल, संतोष गुप्ता सहित अन्य नागरिक और अहिरवार समाज के लोग मौजूद रहे। समाज के सदस्यों ने कहा कि संत रविदास जी के विचार समानता, भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश देते हैं। उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

वाराणसी से लाए गए कलश की स्थापना को समाज ने धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। आयोजन के दौरान मंदिर के विकास और समाज से जुड़ी अन्य आवश्यकताओं को लेकर भी चर्चा हुई। समाज के लोगों का कहना है कि संत रविदास मंदिर स्थानीय अहिरवार समाज की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है और इसके बेहतर विकास की आवश्यकता है।

अहिरवार समाज की ओर से बचेली स्थित वर्तमान संत रविदास मंदिर के जीर्णोद्धार की मांग पहले भी उठाई जा चुकी है। समाज के लोगों ने सांसद महेश कश्यप को लिखित आवेदन सौंपकर मंदिर के जीर्णोद्धार और परिसर के विकास की मांग रखी थी। आवेदन में मंदिर परिसर में आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने और धार्मिक आयोजनों के लिए उपयुक्त व्यवस्था विकसित करने की बात कही गई थी।

समाज के सदस्यों के अनुसार वर्तमान मंदिर से बड़ी संख्या में लोगों की धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है। ऐसे में मंदिर भवन और परिसर के जीर्णोद्धार से धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन में सुविधा मिलेगी। समाज की ओर से मंदिर परिसर के विकास के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी अपेक्षा जताई गई है।

इसके अलावा अहिरवार समाज ने बचेली में संत शिरोमणि रविदास जी के नाम से नए मंदिर के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है। समाज का कहना है कि स्थायी रूप से भूमि उपलब्ध होने पर पूजा-पाठ, सामाजिक कार्यक्रम और सामुदायिक गतिविधियों का व्यवस्थित आयोजन किया जा सकेगा। इस मांग को लेकर समाज ने जनप्रतिनिधियों से सकारात्मक पहल की उम्मीद जताई है।

समाज के लोगों ने कहा कि संत रविदास जी का योगदान सामाजिक समानता और मानवता के संदेश से जुड़ा रहा है। उनके विचारों को समाज के बीच पहुंचाने के साथ नई पीढ़ी को भी उनके संदेश और योगदान से परिचित कराना जरूरी है। इसी उद्देश्य से धार्मिक आयोजनों के साथ सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

शनिवार को आयोजित कलश स्थापना कार्यक्रम में समाज के लोगों की अच्छी भागीदारी रही। पूजा-अर्चना और कलश स्थापना के बाद उपस्थित लोगों ने संत रविदास जी के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान मंदिर के जीर्णोद्धार, नए मंदिर के लिए भूमि और समाज की अन्य मांगों को आगे बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई। समाज ने उम्मीद जताई कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के स्तर पर इन मांगों को लेकर सकारात्मक पहल की जाएगी।