महावीरगंज में प्रधानमंत्री आवास आवंटन में गड़बड़ी का आरोप, ग्रामीणों ने दी कलेक्टर कार्यालय घेराव की चेतावनी

बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत महावीरगंज में प्रधानमंत्री आवास योजना के आवंटन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव पर मिलीभगत कर पात्र हितग्राहियों को अपात्र घोषित करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के अनुसार पंचायत में 765 आवास स्वीकृत हुए थे, जिनमें से 295 ग्रामीणों को अपात्र घोषित कर दिया गया। शिकायत के बाद जांच टीम गठित की गई, लेकिन ग्रामीणों ने जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने पात्र लोगों के नाम सूची में शामिल करने और अपात्र नाम हटाने की मांग करते हुए समाधान नहीं होने पर कलेक्टर कार्यालय के घेराव की चेतावनी दी है।

Sep 1, 2026 - 18:51
 0  435
महावीरगंज में प्रधानमंत्री आवास आवंटन में गड़बड़ी का आरोप, ग्रामीणों ने दी कलेक्टर कार्यालय घेराव की चेतावनी

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l जिले के ग्राम पंचायत महावीरगंज में प्रधानमंत्री आवास योजना के आवंटन को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों ने पंचायत के सरपंच और सचिव पर आवास योजना की सूची में गड़बड़ी करने और पात्र हितग्राहियों को अपात्र घोषित किए जाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलना चाहिए, लेकिन कथित अनियमितताओं के कारण कई पात्र परिवार योजना से बाहर हो गए हैं।

ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत महावीरगंज में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कुल 765 आवास स्वीकृत होकर आए थे। इनमें से 295 ग्रामीणों को अपात्र घोषित किए जाने का आरोप है। ग्रामीणों की मांग है कि जिन लोगों को गलत तरीके से अपात्र घोषित किया गया है, उनके मामलों की दोबारा जांच कर पात्र हितग्राहियों को सूची में शामिल किया जाए, ताकि उन्हें योजना का लाभ मिल सके।

आवास आवंटन में कथित गड़बड़ी को लेकर ग्रामीणों ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के समक्ष शिकायत रखी। शिकायत के बाद मामले की पड़ताल के लिए एक जांच टीम गठित की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि जांच टीम गांव पहुंची, लेकिन उनकी शिकायतों और वास्तविक स्थिति को गंभीरता से सुनने के बजाय सरपंच और सचिव के पक्ष में कार्रवाई की गई। ग्रामीणों ने जांच प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराना है। ऐसे में पात्र लोगों को योजना से बाहर किए जाने की स्थिति में उन्हें आर्थिक और सामाजिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि आवास योजना की सूची का निष्पक्ष तरीके से सत्यापन कराया जाए और वास्तविक पात्रता के आधार पर हितग्राहियों का चयन किया जाए।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि जांच के दौरान उनकी समस्याओं का उचित समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि यदि जांच प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से नहीं हुई तो वे अपने अधिकारों के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की गंभीरता से जांच कर पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मामले का पारदर्शी समाधान नहीं किया गया और पात्र हितग्राहियों के नाम आवास सूची में शामिल नहीं किए गए, तो वे जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे। ग्रामीणों की मांग है कि आवास योजना से जुड़े सभी मामलों की निष्पक्ष जांच हो और किसी भी पात्र परिवार का अधिकार प्रभावित न हो।

महावीरगंज में सामने आए इस विवाद के बाद अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर है। हालांकि सरपंच और सचिव पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस सामग्री में नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।