शहबाज शरीफ के सामने PM मोदी का आतंकवाद पर कड़ा संदेश, बोले- टेरर फंडिंग और डबल स्टैंडर्ड खत्म करना होगा

SCO समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि आतंकवाद से लड़ाई में किसी भी तरह के दोहरे मापदंड स्वीकार नहीं किए जा सकते। शहबाज शरीफ और शी जिनपिंग की मौजूदगी में पीएम मोदी ने टेरर फंडिंग, कट्टरपंथ, आतंकियों की भर्ती और सुरक्षित ठिकानों के पूरे नेटवर्क को खत्म करने की जरूरत पर जोर दिया।

Sep 1, 2026 - 12:56
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शहबाज शरीफ के सामने PM मोदी का आतंकवाद पर कड़ा संदेश, बोले- टेरर फंडिंग और डबल स्टैंडर्ड खत्म करना होगा

UNITED NEWS OF ASIA. किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में आतंकवाद के खिलाफ सभी देशों से एकजुट होकर कार्रवाई करने की अपील की। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी में पीएम मोदी ने आतंकवाद पर दोहरे मापदंड अपनाने वाले देशों को स्पष्ट संदेश देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि आतंकवाद किसी भी देश के लिए रणनीतिक संपत्ति नहीं हो सकता और इसके खिलाफ प्रभावी तथा सामूहिक कार्रवाई जरूरी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद आज भी पूरी मानवता के सामने गंभीर चुनौती बना हुआ है। इस चुनौती से निपटने के लिए केवल आतंकी घटनाओं के बाद प्रतिक्रिया देना पर्याप्त नहीं है। आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करना जरूरी है, जिसमें आतंकियों की फंडिंग, भर्ती, कट्टरपंथ और उन्हें सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने वाला नेटवर्क शामिल है। उन्होंने कहा कि जब तक आतंकवाद को आर्थिक और अन्य प्रकार का समर्थन मिलता रहेगा, तब तक इस चुनौती को पूरी तरह खत्म करना मुश्किल होगा।

SCO के मंच से पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ सभी सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए सभी देशों को एक स्वर में यह स्पष्ट करना होगा कि किसी भी परिस्थिति में दोहरे मापदंड स्वीकार नहीं किए जा सकते। जो देश आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं या आतंकियों को समर्थन और पनाह देते हैं, उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पष्ट और प्रभावी संदेश जाना चाहिए।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में टेरर फंडिंग को खत्म करने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को मिलने वाले आर्थिक संसाधनों पर रोक लगाना इस लड़ाई का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आतंकियों तक पैसा पहुंचाने वाले नेटवर्क को कमजोर किए बिना आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता हासिल करना मुश्किल होगा। इसके लिए देशों के बीच सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित संस्थानों के सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री ने SCO के मंच से क्षेत्रीय शांति और स्थिरता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि भारत ऐसे प्रयासों का समर्थन करता है जो बाजारों को जोड़ते हैं, व्यापार को आसान बनाते हैं और विकास के नए रास्ते खोलते हैं। हालांकि, ऐसे प्रयासों में सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना जरूरी है। उन्होंने इसे SCO चार्टर की मूल भावना से भी जोड़ा।

ग्लोबल साउथ के सामने मौजूद चुनौतियों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि संघर्षों और तनाव का सबसे ज्यादा असर विकासशील देशों पर पड़ता है। उन्होंने दोहराया कि तनाव और युद्ध का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए। भारत लगातार शांतिपूर्ण समाधान और संवाद का समर्थन करता रहा है।

पीएम मोदी ने नशीले पदार्थों की तस्करी को भी गंभीर सुरक्षा चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि ड्रग तस्करी केवल अपराध का विषय नहीं है, बल्कि यह युवाओं और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है। उन्होंने संगठित अपराध, सूचना सुरक्षा और नशीले पदार्थों जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए SCO के तहत किए जा रहे प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।

SCO समिट में प्रधानमंत्री मोदी का संदेश साफ रहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को किसी एक देश या क्षेत्र तक सीमित नहीं रखा जा सकता। आतंकवाद की फंडिंग, भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित ठिकानों के पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है। उन्होंने सदस्य देशों से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर प्रभावी कदम उठाने का आह्वान किया।