दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का भविष्य हैं छात्र: CEC ज्ञानेश कुमार

भारत निर्वाचन आयोग ने लखनऊ में ELC 2.0 और ECINET पर दूसरे क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। CEC ज्ञानेश कुमार ने छात्रों और युवा मतदाताओं को लोकतंत्र का भविष्य बताते हुए चुनावी साक्षरता और जागरूक भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। ELC 2.0 के जरिए देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में चुनावी जागरूकता का नेटवर्क विकसित करने की योजना है।

Aug 25, 2026 - 11:54
 0  2
दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का भविष्य हैं छात्र: CEC ज्ञानेश कुमार

UNITED NEWS OF ASIA. भारत निर्वाचन आयोग ने लखनऊ में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब ELC 2.0 और ECINET विषय पर दूसरे क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन का उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से छात्रों, युवा नागरिकों और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के बीच चुनावी साक्षरता तथा लोकतांत्रिक जागरूकता को मजबूत करना है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों एवं शिक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त CEC ज्ञानेश कुमार ने छात्रों को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का भविष्य बताया और चुनावी प्रक्रिया की जानकारी को व्यापक स्तर पर पहुंचाने में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।

ज्ञानेश कुमार ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए युवाओं का चुनावी प्रक्रिया को समझना और उसमें जागरूक तरीके से भाग लेना जरूरी है। उन्होंने छात्रों और युवा मतदाताओं को भारत की चुनाव प्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्यों, मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना की प्रक्रिया के साथ भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका और कार्यप्रणाली से परिचित कराने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में युवाओं का विश्वास और उनकी जागरूक भागीदारी लोकतंत्र के भविष्य में निवेश के समान है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि भारत में चुनाव संविधान, कानून और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार पारदर्शी तरीके से आयोजित किए जाते हैं। चुनाव प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों की भागीदारी तथा निगरानी की व्यवस्था भी रहती है। उन्होंने युवाओं को चुनावी प्रक्रिया की वास्तविक जानकारी उपलब्ध कराने को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया।

ELC 2.0 की टैगलाइन लोकतंत्र सीखें, लोकतंत्र का नेतृत्व करें के माध्यम से युवा और पहली बार मतदान करने वाले नागरिकों को लोकतंत्र को समझने, उसमें सार्थक भागीदारी करने और उसकी प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है। ELC 2.0 के तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लबों को संरचित, डिजिटल रूप से सक्षम और निरंतर सक्रिय मंच के रूप में विकसित करने की योजना है।

ज्ञानेश कुमार ने बताया कि ECINET डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से चुनाव से जुड़ी विभिन्न सेवाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। ECINET पर समर्पित ELC पोर्टल के जरिए देशभर के इलेक्टोरल लिटरेसी क्लबों का व्यवस्थित नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं के साथ-साथ उनके परिवारों, शिक्षण संस्थानों और समुदायों तक चुनावी जागरूकता पहुंचाना है।

उन्होंने बताया कि भारत में लगभग 15 लाख स्कूलों, करीब 25 करोड़ छात्रों और एक करोड़ से अधिक शिक्षकों का व्यापक शैक्षणिक नेटवर्क है। उच्च शिक्षा क्षेत्र में भी लगभग 1,500 विश्वविद्यालय और करीब 70,000 शैक्षणिक संस्थान हैं। इस विशाल नेटवर्क के माध्यम से ELC 2.0 तथ्यात्मक और अनुभवात्मक चुनावी शिक्षा को बढ़ावा देने, चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा युवाओं को लोकतांत्रिक भागीदारी के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ELC मतदाता पंजीकरण, मतदान, मतगणना और आयोग की विभिन्न पहलों से संबंधित जानकारी युवाओं तक पहुंचाने का माध्यम भी बनेंगे।