US ने ईरान को दी आर्थिक प्रतिबंधों की धमकी, तेहरान ने तेल निर्यात रोकने की चेतावनी दी

अमेरिका ने ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के लिए बड़े प्रतिबंध अभियान की चेतावनी दी है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान के तेल तस्करी और वित्तीय नेटवर्क को निशाना बनाने की बात कही है। वहीं ईरान ने चेतावनी दी है कि आर्थिक युद्ध जारी रहने पर वह होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी से तेल निर्यात पूरी तरह रोक सकता है।

Aug 25, 2026 - 11:46
 0  2
US ने ईरान को दी आर्थिक प्रतिबंधों की धमकी, तेहरान ने तेल निर्यात रोकने की चेतावनी दी

UNITED NEWS OF ASIA. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों के बीच जारी तीखे बयानों के बीच अमेरिका ने ईरान को नए और व्यापक आर्थिक प्रतिबंधों की चेतावनी दी है। अमेरिकी प्रशासन ने ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के लिए बड़े अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोमवार देर रात इस अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन ईरान की उन आर्थिक गतिविधियों और नेटवर्क को निशाना बनाने की तैयारी में है, जिनके जरिए तेहरान को वित्तीय मदद मिल रही है और वह कच्चे तेल का कारोबार कर रहा है।

अमेरिका ने अपने संभावित प्रतिबंध अभियान को आर्थिक डी-डे की संज्ञा दी है। अमेरिकी वित्त मंत्री के मुताबिक ट्रेजरी विभाग ने ईरान से जुड़े उन नेटवर्क और रास्तों की पहचान कर ली है, जिनके जरिए कच्चे तेल की तस्करी और वित्तीय लेनदेन किया जाता है। अमेरिका का दावा है कि इन आर्थिक माध्यमों के जरिए ईरान अपने शासन और अन्य गतिविधियों के लिए जरूरी धन जुटाता है। अमेरिकी प्रशासन का उद्देश्य इन आर्थिक जीवन-रेखाओं को काटकर तेहरान पर दबाव बढ़ाना और उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक अलग-थलग करना है।

स्कॉट बेसेंट ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के रुख को दोहराते हुए कहा कि ईरान की आर्थिक ताकत को कमजोर करने के लिए अमेरिका व्यापक स्तर पर कार्रवाई करेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि केवल ईरान ही नहीं, बल्कि उसके साथ व्यापार करने वाले देशों और संस्थाओं पर भी दबाव बढ़ाया जा सकता है। अमेरिका की चेतावनी ऐसे समय में सामने आई है जब दोनों देशों के बीच सैन्य और राजनीतिक तनाव पहले से ही काफी अधिक है।

अमेरिका ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान आर्थिक कार्रवाई का जवाब सैन्य बल के जरिए देता है तो ट्रंप प्रशासन तेजी से और निर्णायक प्रतिक्रिया दे सकता है। इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

दूसरी ओर ईरान ने भी अमेरिका को कड़ा संदेश दिया है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेज़ाई ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका उसके खिलाफ आर्थिक युद्ध जारी रखता है तो तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी के अन्य हिस्सों से तेल निर्यात पूरी तरह रोक सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है। यहां से तेल और गैस की बड़ी मात्रा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचती है।

ईरान की इस चेतावनी से वैश्विक ऊर्जा बाजारों में चिंता बढ़ सकती है। यदि तेल निर्यात प्रभावित होता है या होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही बाधित होती है तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता आर्थिक तनाव केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि इसका प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ने की संभावना है।