ग्राम हेमांबद में आवारा पशुओं को बंधक बनाने के मामले में जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

बेमेतरा जिले के ग्राम हेमांबद में आवारा और घुमंतू पशुओं को अनधिकृत रूप से बंधक बनाकर रखने की शिकायत पर जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। संयुक्त जांच दल की जांच में शिकायत प्रथमदृष्टया सही पाए जाने के बाद दिलीप राय के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई। मौके से 126 जीवित पशुओं को सुरक्षित गौशालाओं में भेजा गया है, जबकि मृत पशुओं की मौत के कारणों की जांच के लिए तीन पशु चिकित्सकों की टीम गठित की गई है।

Aug 25, 2026 - 12:15
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ग्राम हेमांबद में आवारा पशुओं को बंधक बनाने के मामले में जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l बेमेतरा जिले के तहसील दाढ़ी अंतर्गत ग्राम हेमांबद में आवारा और घुमंतू पशुओं को अनधिकृत रूप से बंधक बनाकर रखे जाने की शिकायत पर जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला स्तरीय संयुक्त जांच दल को मौके पर भेजा। जांच दल ने स्थल पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच की और शिकायत को प्रथमदृष्टया सही पाए जाने के बाद संबंधित व्यक्ति दिलीप राय के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पशुओं के साथ किसी भी प्रकार की क्रूरता, अमानवीय व्यवहार या उन्हें अनधिकृत रूप से बंधक बनाकर रखने की कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासन की ओर से ऐसे मामलों में तत्काल जांच और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि पशुओं की सुरक्षा, संरक्षण और उचित देखभाल से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है।

मौके पर पाए गए पशुओं का तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। जांच के दौरान गांव की सरहद में कुछ मृत पशु भी पाए गए हैं। इन पशुओं की मौत किन परिस्थितियों और किन कारणों से हुई, इसका पता लगाने के लिए तीन पशु चिकित्सकों की टीम गठित की गई है। चिकित्सकीय टीम द्वारा आवश्यक जांच और परीक्षण किया जा रहा है, जिसके आधार पर मृत्यु के कारणों की स्थिति स्पष्ट होगी।

मौके पर मिले 126 जीवित पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद उन्हें वहां से हटाकर जिले की अन्य गौशालाओं में सुरक्षित रूप से व्यवस्थापित किया गया है। संबंधित गौशालाओं में पशुओं के स्वास्थ्य और उपचार की जिम्मेदारी विषय विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम को सौंपी गई है। चिकित्सकीय दल द्वारा पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक उपचार और देखभाल सुनिश्चित की जाएगी।

जिला प्रशासन के अनुसार पशुओं के पूरी तरह स्वस्थ होने तक प्रतिदिन उनकी निगरानी और स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। चिकित्सकीय टीम नियमित रूप से पशुओं की स्थिति की रिपोर्ट जिला प्रशासन को प्रस्तुत करेगी। प्रशासन द्वारा पूरी प्रक्रिया की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि पशुओं के उपचार और सुरक्षित व्यवस्थापन में किसी प्रकार की कमी न रहे।

जिले में इससे पहले भी घुमंतू और बनेली गायों से संबंधित एक प्रकरण सामने आया था। उस मामले की जांच में संबंधित शासकीय अमले की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। समिति की अनुशंसा के आधार पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद संबंधित सचिवों और पटवारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

जिला प्रशासन ने दोहराया है कि पशुओं की सुरक्षा और मानवीय देखभाल के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति की लापरवाही जांच में सामने आती है तो उसके खिलाफ तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जिले में आवारा और घुमंतू पशुओं से संबंधित शिकायतों पर तत्काल स्थल निरीक्षण, चिकित्सकीय सहायता, सुरक्षित व्यवस्थापन और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।