चीन में रोबोटिक्स का बाजार भी तेजी से विस्तार कर रहा है। Robotics Center of Silicon Valley की रिपोर्ट के अनुसार चीन का रोबोटिक्स बाजार करीब 14.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया है और इसमें एक साल में लगभग 47 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। चीन की खासियत सिर्फ रोबोट बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि मोटर, सेंसर, बैटरी, चिप, गियर और अन्य जरूरी कंपोनेंट्स की मजबूत घरेलू सप्लाई चेन भी उसे बढ़त देती है।
औद्योगिक रोबोट की तैनाती के मामले में भी चीन दुनिया में सबसे आगे है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले साल दुनियाभर में लगाए गए औद्योगिक रोबोटों में 70 फीसदी से ज्यादा चीन में लगाए गए। चीन में करीब 2.76 लाख औद्योगिक रोबोट लगाए गए, जबकि जापान और अमेरिका में यह संख्या क्रमशः करीब 46 हजार और 35 हजार रही। इससे चीन के बड़े मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और ऑटोमेशन की मांग का अंदाजा लगाया जा सकता है।
ह्यूमनॉइड रोबोट के क्षेत्र में भी चीन तेजी से आगे बढ़ रहा है। Unitree और AgiBot जैसी चीनी कंपनियां बड़े पैमाने पर ह्यूमनॉइड रोबोट विकसित करने पर काम कर रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार ह्यूमनॉइड रोबोट बाजार में चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी करीब 80 फीसदी बताई गई है। चीन ने 2027 तक करीब एक लाख ह्यूमनॉइड रोबोट तैनात करने का लक्ष्य भी रखा है।
चीन की बड़ी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां भी रोबोटिक्स सेक्टर को बढ़ावा दे रही हैं। BYD, CATL और Foxconn जैसी कंपनियों के बड़े उत्पादन संयंत्रों में ऑटोमेशन और रोबोटिक सिस्टम की जरूरत लगातार बनी रहती है। इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग में इस्तेमाल होने वाले मोटर, बैटरी, सेंसर और गियर जैसे कंपोनेंट्स का इस्तेमाल रोबोटिक्स में भी होता है। इससे दोनों क्षेत्रों के बीच तकनीकी और औद्योगिक तालमेल मजबूत हुआ है।
चीन की रोबोट डेंसिटी में भी पिछले कुछ वर्षों में तेजी से वृद्धि हुई है। 2024 में चीन में हर 10 हजार मैन्युफैक्चरिंग कर्मचारियों पर करीब 392 औद्योगिक रोबोट थे, जबकि 2019 में यह संख्या 187 थी। हालांकि दक्षिण कोरिया करीब 1,012 रोबोट प्रति 10 हजार कर्मचारियों के साथ इस मामले में चीन से आगे है।
भारत की बात करें तो देश में रोबोटिक्स का बाजार तेजी से विकसित हो रहा है, लेकिन चीन की तुलना में अभी बड़ा अंतर मौजूद है। 2024 में भारत में करीब 9,100 औद्योगिक रोबोट लगाए गए, जबकि चीन में यह संख्या लगभग 2.76 लाख थी। भारत की रोबोट डेंसिटी भी वैश्विक औसत और चीन से कम है। भारत में हर 10 हजार कर्मचारियों पर औद्योगिक रोबोट की संख्या करीब 10 से 67 के बीच बताई जाती है, जबकि वैश्विक औसत लगभग 132 और चीन में 392 है।
इससे स्पष्ट है कि भारत के पास रोबोटिक्स में आगे बढ़ने की बड़ी संभावनाएं हैं, लेकिन चीन की बराबरी करने के लिए घरेलू मैन्युफैक्चरिंग, कंपोनेंट निर्माण, ऑटोमेशन और ह्यूमनॉइड रोबोट के बड़े पैमाने पर उत्पादन को तेजी से बढ़ाने की जरूरत होगी।