मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के नेतृत्व में 71 किलोमीटर की सामाजिक सद्भाव कांवड़ यात्रा का भव्य समापन, आरंग से गूंजा ‘मनखे-मनखे एक समान’ का संदेश
चंदखुरी से आरंग तक निकली तीन दिवसीय 71 किलोमीटर लंबी सामाजिक सद्भाव विशाल कांवड़ यात्रा का पंचमुखी महादेव मंदिर, आरंग में भव्य समापन हुआ। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के नेतृत्व में निकली यात्रा में सर्वसमाज के लोगों ने भागीदारी की। समोदा में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी शामिल हुए। यात्रा के दौरान ‘मनखे-मनखे एक समान’ का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l माता कौशल्या की पुण्यधरा चंदखुरी से राजा मोरध्वज की नगरी आरंग तक निकली तीन दिवसीय 71 किलोमीटर लंबी सामाजिक सद्भाव विशाल कांवड़ यात्रा का सोमवार को पंचमुखी महादेव मंदिर, आरंग में भव्य समापन हुआ। कैबिनेट मंत्री एवं युवराज गुरु खुशवंत साहेब के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता, भाईचारे और सर्वसमाज की सहभागिता का संदेश दिया गया। यात्रा में हजारों कांवड़ियों के साथ विभिन्न समाजों के नागरिक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और सेवाभावी कार्यकर्ता शामिल हुए।
चंदखुरी से आरंग तक तीन दिनों में पूरी हुई इस यात्रा ने 71 किलोमीटर की दूरी तय करने के साथ सामाजिक सद्भाव का संदेश गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाया। यात्रा के दौरान ‘बोल रहा अब हिंदुस्तान, मनखे-मनखे एक समान’ का जयघोष लगातार गूंजता रहा। बारिश और लंबी दूरी के बावजूद कांवड़ियों का उत्साह बना रहा। यात्रा मार्ग में ग्रामीणों ने जगह-जगह कांवड़ियों का स्वागत किया और सेवा-सत्कार के माध्यम से सामाजिक जुड़ाव का परिचय दिया।
गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि सामाजिक सद्भाव विशाल कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था की यात्रा नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, समरसता और भाईचारे का जनअभियान है। उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त भेदभाव और दूरियों को कम कर प्रेम, अपनत्व और समानता की भावना को मजबूत करना इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य है। ‘मनखे-मनखे एक समान’ का विचार समरस और मजबूत समाज की आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि यात्रा में सर्वसमाज की भागीदारी और गांव-गांव में मिले स्वागत से सामाजिक सद्भाव के संदेश को मजबूती मिली है। गुरु खुशवंत साहेब ने यात्रा को सफल बनाने वाले कांवड़ियों, ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और सेवाभावी नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
यात्रा के दूसरे दिन समोदा में आयोजित संध्याकालीन कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम में शामिल हुए। उनकी मौजूदगी से कांवड़ियों और आयोजन से जुड़े लोगों का उत्साह बढ़ा। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान धार्मिक आस्था के साथ छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और सामाजिक जुड़ाव की झलक भी देखने को मिली।
यात्रा के पहले दिन चंदखुरी से चंदखुरी फार्म, नगपुरा, मौली माता चौक, सकरी, अमेरी, टेकारी और डीघारी मोड़ होते हुए कांवड़ियों का कारवां नारा पहुंचा, जहां रात्रि विश्राम हुआ। दूसरे दिन नारा से भानसोज, जरोद मोड़, छतौना बस्ती, फरफौद, गुरेह्रा, परसकोल, गुमटा, कोसरंगी मोड़, बाना और बनरसी होते हुए यात्रा समोदा पहुंची। अंतिम दिन समोदा से आरंग तक जगह-जगह ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा, राउत नाचा, जसगायन और सेवा-सत्कार के माध्यम से कांवड़ियों का स्वागत किया।
यात्रा की खास बात यह रही कि इसमें विभिन्न समाजों के लोगों ने एकजुट होकर सहभागिता की। ग्रामीणों ने कांवड़ियों के लिए जलपान और सेवा की व्यवस्था की। इससे यात्रा का सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का उद्देश्य जमीन पर दिखाई दिया। आयोजकों के अनुसार धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश जोड़ने से लोगों के बीच संवाद, सम्मान और आत्मीयता को बढ़ावा मिला।
अंतिम चरण में कांवड़ियों का विशाल कारवां आरंग पहुंचा, जहां पंचमुखी महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना के साथ यात्रा का विधिवत समापन किया गया। इस अवसर पर कांवड़ियों के साथ यात्रा को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सामाजिक संगठनों, ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सेवाभावी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम में विधायक रोहित साहू, भाजपा जिला प्रभारी रायपुर ग्रामीण सुरेंद्र पाटनी, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन दास महाराज, छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, श्रद्धालु और बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं नागरिक उपस्थित रहे।