बरवाडीह-अम्बिकापुर रेल लाइन: पुरानी जमीन मौजूद, फिर भी नए ट्रैक का निर्माण क्यों? बलरामपुर में भड़का जनआक्रोश
बरवाडीह से बलरामपुर सरनाडीह होते हुए छत्तीसगढ़ के रामनगरकला तक प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित रेलवे लाइन को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों और कानूनी जानकारों का दावा है कि बरवाडीह से बलरामपुर सरनाडीह तक रेलवे की अधिग्रहित जमीन पहले से मौजूद और दर्ज है, इसके बावजूद बलरामपुर से रामनगरकला के बीच पुरानी जमीन को छोड़कर नए रूट पर ट्रैक निर्माण किए जाने से सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने रेलवे और जिला प्रशासन से पुराने अधिग्रहित रूट पर ही निर्माण कार्य पूरा करने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l बलरामपुर में दशकों से जिस रेल लाइन का सपना इस इलाके की जनता देख रही थी, वह अब उम्मीदों के साथ-साथ कई सवाल और आक्रोश भी खड़े कर रही है। मामला बरवाडीह से बलरामपुर सरनाडीह होते हुए छत्तीसगढ़ के रामनगरकला तक बनने वाली बहुप्रतीक्षित रेलवे लाइन का है। इस रेल परियोजना को लेकर क्षेत्र के लोगों में लंबे समय से उम्मीद बनी हुई है कि रेलवे कनेक्टिविटी मिलने से इलाके के विकास, आवागमन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। लेकिन अब प्रस्तावित ट्रैक के रूट को लेकर स्थानीय स्तर पर विवाद की स्थिति बनती दिखाई दे रही है।
स्थानीय लोगों और कानूनी जानकारों का स्पष्ट मानना है कि न्यायिक दृष्टिकोण से बरवाडीह से बलरामपुर सरनाडीह तक भारत सरकार को किसी भी नई भूमि अधिग्रहण की कोई जरूरत ही नहीं है। उनका कहना है कि आज भी इस पूरे रूट पर रेलवे की अधिग्रहित जमीन साफ तौर पर मौजूद और दर्ज है। ऐसे में पुरानी उपलब्ध रेलवे जमीन का उपयोग किए जाने के बजाय नए रूट पर ट्रैक निर्माण शुरू किए जाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।