घटना को लेकर हूती पक्ष और यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की ओर से अलग-अलग दावे किए गए हैं। हूती संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय और मीडिया का कहना है कि माविया जंक्शन स्थित बाजार में व्यावसायिक दुकानों को हवाई हमले का निशाना बनाया गया। स्थानीय सूत्रों के हवाले से भी बाजार क्षेत्र में बड़ी संख्या में नागरिकों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
वहीं यमनी सरकार का कहना है कि उसकी सेना ने बाजार को निशाना बनाने के बजाय वहां मौजूद हूती सैन्य ठिकाने और वाहनों पर कार्रवाई की थी। रॉयटर्स के अनुसार, यमनी सरकार से जुड़े तीन सैन्य सूत्रों ने दावा किया कि हूती लड़ाकों ने हाल के समय में बाजार के पास एक सैन्य कैंप स्थापित किया था। सरकार के अनुसार, इसी सैन्य ठिकाने और वहां मौजूद वाहनों को निशाना बनाया गया।
हमले के बाद सामने आई तस्वीरों में बाजार का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त और मलबे में तब्दील नजर आया। कुछ दुकानों और आसपास के ढांचों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, हमले में मारे गए और घायल हुए लोगों की अंतिम संख्या में आगे बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है, क्योंकि शुरुआती आंकड़े संबंधित पक्षों और स्थानीय सूत्रों से सामने आए हैं।
हमले को लेकर सबसे बड़ा सवाल इसके वास्तविक लक्ष्य को लेकर है। हूती पक्ष इसे बाजार और नागरिक दुकानों पर हुआ हमला बता रहा है, जबकि यमनी सरकार का दावा है कि सैन्य ठिकाना कार्रवाई का लक्ष्य था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इन दोनों दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि हमले का प्राथमिक लक्ष्य बाजार था या उसके पास स्थित सैन्य ठिकाना।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब यमन में हूती समूह और सऊदी समर्थित यमनी सरकारी बलों के बीच संघर्ष फिर तेज हुआ है। ताइज क्षेत्र में हाल के दिनों में सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं और दोनों पक्षों के बीच कई स्थानों पर संघर्ष की खबरें सामने आई हैं। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के हवाले से हालिया रिपोर्टों में बताया गया है कि संघर्ष बढ़ने के कारण बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और मानवीय संकट भी गहरा रहा है।
ताइज में हुआ यह हमला यमन के लंबे समय से जारी संघर्ष में नागरिक इलाकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करता है। फिलहाल घटना के संबंध में हूती पक्ष और यमनी सरकार के दावों में अंतर बना हुआ है और हमले के वास्तविक लक्ष्य तथा परिस्थितियों को लेकर स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार है।