अशोक सिंघल की 100वीं जयंती पर पीएम मोदी ने लिखा लेख, राम मंदिर आंदोलन में भूमिका को किया याद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक सिंघल की 100वीं जयंती पर उन्हें याद करते हुए एक लेख लिखा। पीएम मोदी ने राम जन्मभूमि आंदोलन, सामाजिक एकता, शिक्षा, सेवा और संगीत के क्षेत्र में सिंघल के योगदान का उल्लेख किया।

Sep 28, 2026 - 11:33
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अशोक सिंघल की 100वीं जयंती पर पीएम मोदी ने लिखा लेख, राम मंदिर आंदोलन में भूमिका को किया याद

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक सिंघल की 100वीं जयंती पर उन्हें याद करते हुए एक लेख लिखा है। प्रधानमंत्री ने अपने लेख में अशोक सिंघल के संगठनात्मक कार्य, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ सामाजिक एकता से जुड़े प्रयासों का उल्लेख किया। अशोक सिंघल का जन्म 27 सितंबर 1926 को आगरा में हुआ था। प्रधानमंत्री ने 27 सितंबर 2026 को उनकी जन्म शताब्दी के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लेख में लिखा कि अशोक सिंघल के जीवन को राम जन्मभूमि आंदोलन में उनकी भूमिका का उल्लेख किए बिना पूरी तरह समझना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में आज भव्य राम मंदिर के निर्माण के पीछे उन लोगों का भी योगदान रहा जिन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े प्रयासों में लंबे समय तक काम किया। प्रधानमंत्री ने अशोक सिंघल को इस आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक के रूप में याद किया।

पीएम मोदी ने अशोक सिंघल के साथ अपने पुराने संपर्क का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1981 में जब वह संगठन में एक युवा कार्यकर्ता के तौर पर जिम्मेदारियां निभा रहे थे, तब उन्हें अशोक सिंघल का हाथ से लिखा पत्र मिला था। प्रधानमंत्री के अनुसार, उस पत्र में एक कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी और कुछ जिम्मेदारियां दी गई थीं। उन्होंने इस घटना को अपने लिए विशेष और यादगार अनुभव बताया।

प्रधानमंत्री ने लेख में अशोक सिंघल की यात्राओं और सामाजिक कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सिंघल देश के अलग-अलग हिस्सों में जाते थे और समाज के वंचित तथा अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों के लिए काम करने पर जोर देते थे। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और सहायता के कार्यों में उनकी सक्रियता का भी प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया। वर्ष 2001 के गुजरात के कच्छ भूकंप के बाद के अपने अनुभव को भी उन्होंने याद किया।

लेख में अशोक सिंघल के शिक्षा और संगीत के प्रति लगाव का भी उल्लेख किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैदिक शिक्षा उनके करीब थी और वह युवाओं को अधिक से अधिक पढ़ने के लिए प्रेरित करते थे। उन्होंने एकल विद्यालय जैसी शिक्षा पहल से उनके जुड़ाव का भी जिक्र किया, जिसके माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा पहुंचाने के प्रयास किए गए।

प्रधानमंत्री ने अशोक सिंघल के संगीत प्रेम को याद करते हुए उनके गायन का भी उल्लेख किया। उन्होंने नागपुर की बैठकों से जुड़ी अपनी स्मृतियां साझा कीं और बताया कि सिंघल एकल गीत गाते थे। वर्ष 2015 में उनके 90वें जन्मदिन के अवसर पर उनके गायन का एक वीडियो भी चर्चा में आया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लेख के अंत में कहा कि अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी के अवसर पर युवाओं को उनके जीवन और कार्यों से परिचित कराने की जरूरत है। उन्होंने उनके सामाजिक और राष्ट्रीय कार्यों से जुड़े विचारों को आगे बढ़ाने की बात कही। अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी के अवसर पर केंद्र सरकार और विभिन्न संगठनों की ओर से कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।