ब्रिटेन में RAF फेयरफोर्ड के पास 5 लोग गिरफ्तार, आतंकी साजिश का शक; ट्रंप बोले- “बड़ा नुकसान” करने की थी तैयारी

ब्रिटेन में अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए इस्तेमाल होने वाले RAF फेयरफोर्ड एयरबेस के पास पांच लोगों को विस्फोटक और आतंकवाद से जुड़े अपराधों के संदेह में गिरफ्तार किया गया है। तीन संदिग्ध वाहनों की जांच के दौरान करीब 85 घरों को एहतियातन खाली कराया गया, जबकि डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि संदिग्ध “बड़ा नुकसान” करने की तैयारी में थे।

Sep 28, 2026 - 11:40
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ब्रिटेन में RAF फेयरफोर्ड के पास 5 लोग गिरफ्तार, आतंकी साजिश का शक; ट्रंप बोले- “बड़ा नुकसान” करने की थी तैयारी

UNITED NEWS OF ASIA. ब्रिटेन में अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए इस्तेमाल होने वाले RAF फेयरफोर्ड एयरबेस के पास पांच लोगों को आतंकी गतिविधि की तैयारी के संदेह में गिरफ्तार किया गया है। ब्रिटिश काउंटर टेररिज्म पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई रविवार 27 सितंबर की रात तीन संदिग्ध वाहनों की सूचना मिलने के बाद की गई। पुलिस ने पांचों को पहले विस्फोटक कानून के तहत गिरफ्तार किया और बाद में आतंकवादी कृत्य की तैयारी के संदेह में भी हिरासत में लिया।

पुलिस को रात करीब 12:45 बजे तीन संदिग्ध वाहनों के एयरबेस की दिशा में जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद सशस्त्र पुलिस अधिकारियों ने ग्लॉस्टरशायर के वेल्फोर्ड इलाके में पहुंचकर पांच लोगों को गिरफ्तार किया। तीनों वाहनों को सुरक्षा घेरे में रखा गया और ब्रिटिश सेना की बम निरोधक टीम ने उनकी जांच शुरू की। जांच के दौरान इलाके में करीब 400 मीटर का सुरक्षा घेरा बनाया गया।

घटना के बाद एहतियाती कदम उठाते हुए वेल्फोर्ड इलाके के करीब 85 घरों को खाली कराया गया। स्थानीय लोगों को अस्थायी तौर पर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। अधिकारियों ने बताया कि वाहनों की जांच के दौरान विस्फोटक सामग्री की आशंका को देखते हुए बम निरोधक विशेषज्ञों और रोबोट का इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने लोगों से जांच पूरी होने तक अटकलों से बचने की अपील की है।

RAF फेयरफोर्ड ब्रिटेन का सैन्य एयरबेस है, जिसका इस्तेमाल अमेरिकी वायुसेना भी करती है। हाल के समय में इस बेस से अमेरिकी बमवर्षक विमानों द्वारा ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों के लिए उड़ानें संचालित की गई हैं। इसी वजह से इस घटना की जांच के दौरान ईरान से संभावित संबंध को लेकर भी सवाल उठे हैं। हालांकि ब्रिटिश अधिकारियों ने अभी तक किसी ईरानी भूमिका की पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी घटना पर प्रतिक्रिया दी। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी और ब्रिटिश एजेंसियां इस मामले पर साथ काम कर रही थीं। उन्होंने दावा किया कि गिरफ्तार किए गए लोग एयरबेस को “बड़ा नुकसान” पहुंचाने की तैयारी में थे। हालांकि ब्रिटिश पुलिस ने अभी तक ट्रंप के इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है कि संदिग्धों पर पहले से निगरानी रखी जा रही थी।

ब्रिटिश अधिकारियों ने गिरफ्तार किए गए पांचों लोगों की पहचान और उनकी नागरिकता सार्वजनिक नहीं की है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि उनका अंतिम लक्ष्य RAF फेयरफोर्ड एयरबेस ही था या नहीं। मामले की जांच में वाहनों में मिली सामग्री, संदिग्धों की गतिविधियों और संभावित मकसद की पड़ताल की जा रही है।

घटना ऐसे समय सामने आई है जब ब्रिटेन और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। RAF फेयरफोर्ड के इस्तेमाल को लेकर पहले भी ईरान की ओर से चेतावनियां सामने आई थीं। हालांकि वर्तमान मामले में किसी विदेशी संगठन या देश की भूमिका को लेकर अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। ब्रिटिश जांच एजेंसियां संभावित आतंकवादी साजिश के सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।