हरिद्वार में गंगा आरती का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। संध्या के समय गंगा तट पर होने वाली आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इसी क्रम में बृजमोहन अग्रवाल ने भी मां गंगा की आरती में सहभागिता की और विधिविधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने मां गंगा से देशवासियों और छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए सुख, शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की।
संसदीय प्राक्कलन समिति का अध्ययन दौरा विभिन्न विषयों और सरकारी योजनाओं से जुड़े पहलुओं के अध्ययन के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। अध्ययन दौरे के दौरान समिति के सदस्य संबंधित क्षेत्रों में जाकर व्यवस्थाओं, परियोजनाओं और कार्यों की जानकारी लेते हैं। इसी दौरे के क्रम में बृजमोहन अग्रवाल के हरिद्वार पहुंचने के दौरान धार्मिक कार्यक्रम में उनकी सहभागिता भी हुई।
मां गंगा की आरती में शामिल होने के अवसर पर बृजमोहन अग्रवाल ने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। गंगा को भारतीय सभ्यता और संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। हरिद्वार देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां वर्षभर श्रद्धालु गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
गंगा आरती के दौरान वातावरण भक्तिमय नजर आया। दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार और आरती की धार्मिक परंपरा के बीच श्रद्धालुओं ने मां गंगा का पूजन किया। बृजमोहन अग्रवाल ने भी आरती में शामिल होकर धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता की।
बताया गया कि उन्होंने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के विकास, प्रदेशवासियों के कल्याण और देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। धार्मिक स्थल पर पहुंचकर उन्होंने मां गंगा का आशीर्वाद लिया और भारतीय परंपरा के अनुरूप पूजन-अर्चन किया।
संसदीय प्राक्कलन समिति के अध्ययन दौरे के बीच हरिद्वार में गंगा आरती में उनकी यह सहभागिता धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी उल्लेखनीय रही। इस दौरान उन्होंने गंगा तट की आध्यात्मिक अनुभूति के बीच देश और प्रदेश के लिए मंगलकामना की।