भूख हड़ताल के 20वें दिन सोनम वांगचुक अस्पताल ले जाए गए, दिल्ली पुलिस ने कराया मेडिकल परीक्षण

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस शुक्रवार सुबह आरएमएल अस्पताल ले गई। डॉक्टरों ने उनकी स्वास्थ्य जांच की। इस दौरान प्रदर्शन स्थल से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को भी हिरासत में लिया गया। वांगचुक ने इससे पहले देशवासियों से 20 जुलाई को प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च में शामिल होने की अपील की थी।

Jul 18, 2026 - 12:38
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भूख हड़ताल के 20वें दिन सोनम वांगचुक अस्पताल ले जाए गए, दिल्ली पुलिस ने कराया मेडिकल परीक्षण

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक को शुक्रवार सुबह दिल्ली पुलिस ने राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल पहुंचाया। पुलिस की मौजूदगी में डॉक्टरों की टीम ने उनकी स्वास्थ्य जांच शुरू की। लगातार 20 दिनों तक भूख हड़ताल पर रहने के कारण उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई जा रही थी।

जानकारी के अनुसार, सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में शामिल होकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। यह आंदोलन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा नीट परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित किया जा रहा है। पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। शुक्रवार सुबह पुलिस ने धरना स्थल पर पहुंचकर वांगचुक को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा। इसी दौरान CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।

अस्पताल ले जाए जाने से एक रात पहले सोनम वांगचुक ने वीडियो संदेश जारी कर अपनी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि लगातार भूख हड़ताल के कारण उनके शरीर का लगभग 20 प्रतिशत वजन कम हो चुका है और मांसपेशियां भी प्रभावित हुई हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से वह अब भी पूरी तरह मजबूत हैं और अपनी मांगों पर कायम हैं।

वीडियो संदेश में वांगचुक ने देशवासियों से 20 जुलाई को प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि यदि महंगाई जैसे मुद्दों पर सरकारों से जवाबदेही तय की जा सकती है, तो करोड़ों छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों पर भी जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि नीट विवाद के बाद कई छात्रों ने आत्महत्या की है और इस मामले में सरकार को जवाब देना चाहिए।

डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक भोजन नहीं लेने के कारण वांगचुक का वजन लगातार घट रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 20 दिनों में उनका लगभग 9 किलोग्राम वजन कम हुआ है, जबकि पिछले 24 घंटों में करीब 350 ग्राम वजन और घटा। शरीर में पानी का स्तर सामान्य बताया गया है, लेकिन हल्के डिहाइड्रेशन के संकेत भी मिले हैं। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक उपचार उपलब्ध करा रही है।

फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। आंदोलनकारी अपनी मांगों पर कायम हैं और 20 जुलाई को प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च की तैयारियों में जुटे हुए हैं। वहीं दिल्ली पुलिस और प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर भी प्रशासन और चिकित्सकों की लगातार नजर बनी हुई है।