प्रयागराज में सड़क हादसे में महासमुंद के पंच केशवराम सिन्हा की मौत, अयोध्या यात्रा मातम में बदली

महासमुंद जिले के पिथौरा जनपद अंतर्गत ग्राम ठाकुरदिया खुर्द के पंच केशवराम सिन्हा की प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के सरंगापुर में सड़क हादसे में मौत हो गई। वे अपने मित्र अजय नायक और अन्य साथियों के साथ अयोध्या दर्शन के लिए निकले थे। प्रयागराज में स्नान के बाद भोजन करने के दौरान मोबाइल पर बात करते समय तेज रफ्तार ऑटो ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। गंभीर हालत में पहले स्थानीय अस्पताल और फिर स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद पूरे गांव और पिथौरा क्षेत्र में शोक की लहर है।

Jun 30, 2026 - 15:59
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प्रयागराज में सड़क हादसे में महासमुंद के पंच केशवराम सिन्हा की मौत, अयोध्या यात्रा मातम में बदली

UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुंद l छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के पिथौरा जनपद अंतर्गत ग्राम ठाकुरदिया खुर्द के लिए अयोध्या की धार्मिक यात्रा उस समय गहरे शोक में बदल गई, जब गांव के पंच केशवराम सिन्हा की प्रयागराज में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। यह हादसा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के घूरपुर थाना क्षेत्र के सरंगापुर में हुआ, जहां तेज रफ्तार ऑटो की टक्कर से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव, पिथौरा क्षेत्र और उनके परिचितों में शोक की लहर फैल गई।

जानकारी के अनुसार, ग्राम ठाकुरदिया खुर्द के कुछ श्रद्धालु अजय नायक के नेतृत्व में अयोध्या दर्शन के लिए निकले थे। इस यात्रा में गांव के पंच केशवराम सिन्हा भी शामिल हुए। बताया गया कि शुरुआत में वे इस यात्रा का हिस्सा नहीं थे, लेकिन जब उन्होंने देखा कि गांव के अन्य पंच पहले ही अयोध्या दर्शन के लिए जा चुके हैं, तो उन्होंने अपने मित्र अजय नायक से आग्रह किया कि उन्हें भी साथ ले चलें। उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए अजय नायक ने उन्हें अपनी टीम में शामिल कर लिया और सभी लोग अयोध्या की यात्रा पर रवाना हुए।

यात्रा के दौरान सभी श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे। वहां अजय नायक के पूर्व परिचित के घर और दुकान के पास सभी ने विश्राम किया। इसके बाद सभी लोग स्नान के लिए सुलभ शौचालय परिसर पहुंचे। स्नान करने के बाद वे पास स्थित श्री बाबा ढाबा में भोजन करने पहुंचे। भोजन से पहले सभी ने लस्सी पी और खाना परोसे जाने का इंतजार कर रहे थे।

इसी दौरान केशवराम सिन्हा के मोबाइल फोन पर एक कॉल आया। वे कॉल रिसीव करने के लिए ढाबे के बाहर चले गए और बातचीत करने लगे। तभी पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे एक ऑटो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वे गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर लहूलुहान होकर गिर पड़े। हादसा होते ही वहां मौजूद उनके साथी और आसपास के लोग तुरंत उनकी ओर दौड़े और उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।

प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें प्रयागराज के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल रेफर कर दिया। वहां उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन सिर में गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

बताया गया कि दुर्घटना से कुछ ही समय पहले केशवराम सिन्हा ने गंगाजल भरने के लिए दो लीटर क्षमता का एक नया डिब्बा खरीदा था। वे धार्मिक आस्था के साथ गंगाजल लेकर गांव लौटना चाहते थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। गंगाजल लाने की उनकी यह इच्छा अधूरी रह गई और यात्रा बीच रास्ते में ही समाप्त हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही अयोध्या में मौजूद गांव के अन्य पंच भी तत्काल प्रयागराज पहुंच गए। समाचार लिखे जाने तक सभी साथी प्रयागराज की मॉर्चरी के बाहर मौजूद थे और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने का इंतजार कर रहे थे। वहीं, महासमुंद जिले के ठाकुरदिया खुर्द गांव से भी परिजन और ग्रामीण कार के माध्यम से प्रयागराज के लिए रवाना हो गए ताकि पार्थिव शरीर को गांव लाया जा सके।

इस हादसे का सबसे भावुक पक्ष केशवराम सिन्हा का परिवार है। बताया गया कि उनकी आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी लगातार अजय नायक को फोन कर अपने पिता के बारे में पूछ रही थी। वह बार-बार जानना चाह रही थी कि "पापा कैसे हैं?" लेकिन उस मासूम को हादसे की सच्चाई नहीं बताई गई। अजय नायक उसे लगातार यही दिलासा देते रहे कि उसके पिता ठीक हो जाएंगे। परिवार की इस पीड़ा ने गांव के लोगों को भी भावुक कर दिया है।

अजय नायक ने बताया कि इस दुखद घटना के बाद प्रयागराज पुलिस ने तीर्थयात्रियों की हर संभव सहायता की। पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था भी कराई, लेकिन साथी की मौत के गम में डूबे लोगों से भोजन का एक निवाला भी नहीं खाया गया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में प्रयागराज पुलिस का व्यवहार अत्यंत संवेदनशील और सहयोगपूर्ण रहा। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताओं से लेकर अस्पताल और मॉर्चरी तक हर स्तर पर पूरी सहायता प्रदान की।

ग्राम ठाकुरदिया खुर्द में इस समय एक भव्य राम मंदिर का निर्माण भी चल रहा है। कुछ दिन पहले इसी गांव से श्रद्धालुओं का एक अन्य दल अयोध्या और काशी की यात्रा पर गया था। ऐसे धार्मिक माहौल के बीच केशवराम सिन्हा की इस दुखद मृत्यु ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है। गांव में हर ओर शोक का वातावरण है और लोग इस घटना को एक अपूरणीय क्षति मान रहे हैं।

पिथौरा क्षेत्र सहित आसपास के गांवों में भी इस हादसे की खबर से गहरा दुख व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि केशवराम सिन्हा सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते थे और गांव के पंच होने के नाते लोगों के बीच उनकी अलग पहचान थी। उनकी असमय मृत्यु से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे गांव ने एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और सामाजिक व्यक्ति को खो दिया है।

फिलहाल परिजन प्रयागराज पहुंचकर पार्थिव शरीर को गांव लाने की प्रक्रिया में जुटे हैं। गांव में अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। पूरे ठाकुरदिया खुर्द और पिथौरा क्षेत्र में शोक का माहौल है और लोग दिवंगत केशवराम सिन्हा को नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।