लिंगियाडीह में घर में घुसकर तलवार और लाठी-डंडों से हमला, सरकंडा पुलिस ने 4 आरोपी और एक विधि से संघर्षरत बालक को पकड़ा
बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत लिंगियाडीह में घर में घुसकर मारपीट करने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त तलवार बरामद की गई है। पुलिस ने बीएनएस और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया, जबकि बालक को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. विशु तिवारी, बिलासपुर l सरकंडा थाना क्षेत्र के लिंगियाडीह में घर में घुसकर तलवार और लाठी-डंडों से मारपीट करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक धारदार तलवार भी बरामद की है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार यह मामला थाना सरकंडा के अपराध क्रमांक 969/2026 के तहत दर्ज किया गया है। प्रकरण में बीएनएस की धारा 296, 115(2), 351(3), 191(2), 191(3), 331(2) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
पुलिस ने इस मामले में सन्नी अहिरवार उर्फ बउवा अहिरवार, संजय विश्वकर्मा उर्फ संजू, मुकेश यादव उर्फ मुक्की और राहुल यादव उर्फ छोटू को गिरफ्तार किया है। इनके अलावा मामले में संलिप्त एक विधि से संघर्षरत बालक को भी विधिवत निरुद्ध कर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
घटना 26 जून 2026 की रात लगभग 11:30 बजे की बताई गई है। पुलिस के अनुसार प्रार्थी निखिल ध्रुव अपने साथियों आदित्य दास महंत और रवि गंधर्व के साथ अपोलो चौक, लिंगियाडीह के पास खड़ा था। इसी दौरान आरोपियों का वाहन वहां पहुंचा और कथित रूप से वाहन की टक्कर के बाद विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने गाली-गलौच करते हुए लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला कर दिया।
पुलिस के अनुसार हमले से बचने के लिए घायल युवक पास के एक मकान में घुस गए, लेकिन आरोपी उनका पीछा करते हुए घर के अंदर भी पहुंच गए। वहां भी आरोपियों ने कथित रूप से मारपीट जारी रखी, जिससे पीड़ितों के सिर, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद घायल पक्ष ने थाना सरकंडा पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और अन्य तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्य एकत्र किए। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियारों की बरामदगी की गई। पुलिस ने सन्नी अहिरवार के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई धारदार तलवार जब्त की। तलवार बरामद होने के बाद प्रकरण में आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के साथ-साथ बीएनएस की अतिरिक्त धाराएं 191(2), 191(3) और 331(2) भी जोड़ी गईं।
पुलिस ने चारों आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं मामले में शामिल विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
सरकंडा पुलिस का कहना है कि शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने और हथियारों के साथ हिंसक घटनाओं पर सख्ती से अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर हिंसा फैलाने, घर में घुसकर हमला करने और अवैध हथियारों का इस्तेमाल करने वाले आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों या अवैध हथियारों के उपयोग की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल स्थानीय थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें। पुलिस का कहना है कि नागरिकों के सहयोग से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है और समाज में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
फिलहाल मामले की विवेचना जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे कोई पुरानी रंजिश या अन्य कारण तो नहीं था। यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।