कोलियारी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर ग्रामीणों का विरोध, प्रशासन से हुई लंबी चर्चा
धमतरी जिले के ग्राम पंचायत कोलियारी के करेठा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बन गई। 50 से अधिक परिवारों को नोटिस मिलने के बाद ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाइश दी, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो गई। प्रशासन ने नियमानुसार आगे की कार्रवाई की बात कही है।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l जिले की ग्राम पंचायत कोलियारी के अंतर्गत आने वाले करेठा गांव में मंगलवार को अतिक्रमण हटाने की प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बन गई। राजस्व विभाग की ओर से 50 से अधिक परिवारों को घर खाली करने का नोटिस जारी किए जाने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। हालांकि प्रशासन की समझाइश के बाद मामला शांत हो गया और फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, राजस्व विभाग द्वारा जारी नोटिस के बाद ग्रामीणों में यह आशंका पैदा हो गई कि कहीं उनके घरों पर भी नकटी गांव की तरह बुलडोजर कार्रवाई न की जाए। इसी आशंका के चलते महिलाएं, पुरुष और अन्य ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
घटना की सूचना मिलते ही जिला पंचायत और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर उन्हें कार्रवाई के संबंध में जानकारी देने का प्रयास किया। इस दौरान अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक बातचीत और बहस का दौर चलता रहा।
ग्रामीणों का कहना था कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुन रहा है। उन्होंने यह भी मांग उठाई कि जिस भूमि को आपदा राहत के लिए सुरक्षित रखा गया है, उसका उपयोग गांव के हित में किया जाए। ग्रामीणों ने उस स्थान पर सरकारी छात्रावास (हॉस्टल) बनाए जाने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण प्रतिनिधि यशवंत सोनकर ने कहा कि गांव के लोगों की समस्याओं और वर्षों से बसे परिवारों की स्थिति को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाना चाहिए। वहीं ग्राम पंचायत की सरपंच ज्योति ने भी ग्रामीणों की चिंताओं को प्रशासन के सामने रखा और उचित समाधान निकालने की मांग की।
जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी वर्षा ने बताया कि संबंधित तहसीलदार द्वारा नियमानुसार नोटिस जारी किया गया था। मामले की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक टीम तत्काल मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। उन्होंने कहा कि फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य है और आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप ही की जाएगी तथा प्रभावित पक्षों की बात भी सुनी जाएगी। वहीं ग्रामीणों ने मांग की है कि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाए और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के किसी भी प्रकार की कठोर कार्रवाई न की जाए।
फिलहाल प्रशासन और ग्रामीणों के बीच संवाद के बाद स्थिति नियंत्रण में है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राजस्व विभाग आगे इस मामले में क्या निर्णय लेता है और ग्रामीणों की मांगों पर प्रशासन किस प्रकार विचार करता है।