BS7 उत्सर्जन नियम: क्या भारत में डीजल कारों का दौर खत्म होने की ओर?
भारत में प्रस्तावित BS7 उत्सर्जन मानक डीजल कारों के भविष्य को लेकर नई बहस छेड़ रहे हैं। नए नियम डीजल इंजनों पर सीधे प्रतिबंध नहीं लगाएंगे, लेकिन उनकी तकनीकी जटिलता और बढ़ती लागत के कारण कई लोकप्रिय मॉडल प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में ऑटो कंपनियां हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. भारत में एक समय ऐसा था जब डीजल कारें ऑटोमोबाइल बाजार पर पूरी तरह हावी थीं। बेहतर माइलेज, अधिक टॉर्क और लंबी दूरी तय करने की क्षमता के कारण ग्राहकों की पहली पसंद डीजल इंजन हुआ करते थे। करीब एक दशक पहले नई कारों की बिक्री में डीजल वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। लेकिन बदलते पर्यावरणीय नियम, पेट्रोल और डीजल की कीमतों के बीच कम होता अंतर तथा इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता ने बाजार की तस्वीर बदल दी है। अब प्रस्तावित BS7 उत्सर्जन मानक इस बदलाव को और तेज कर सकते हैं।