PM मोदी-जिनपिंग की मुलाकात से पहले चीन का बड़ा बयान, कहा- भारत के साथ मतभेदों को सही तरीके से सुलझाएंगे

BRICS Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की प्रस्तावित मुलाकात से पहले चीन ने भारत के साथ संबंधों को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने कहा कि चीन दोनों देशों के मतभेदों को सही तरीके से सुलझाने और सहयोग बढ़ाने के लिए भारत के साथ काम करना चाहता है।

Sep 12, 2026 - 10:15
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PM मोदी-जिनपिंग की मुलाकात से पहले चीन का बड़ा बयान, कहा- भारत के साथ मतभेदों को सही तरीके से सुलझाएंगे

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। BRICS Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली द्विपक्षीय मुलाकात से पहले चीन की ओर से भारत के साथ संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण बयान सामने आया है। भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने कहा है कि चीन भारत के साथ मिलकर दोनों देशों के बीच मौजूद मतभेदों को सही तरीके से सुलझाने और द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए काम करना चाहता है। दोनों नेताओं की प्रस्तावित बैठक को भारत-चीन संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

शी जिनपिंग BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत रवाना हो चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति के बीच नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है, जब दोनों देशों के संबंधों में पिछले कुछ समय से संवाद और संपर्क बढ़ने के संकेत मिले हैं। ऐसे में बैठक के दौरान आपसी संबंधों को आगे बढ़ाने और लंबित मुद्दों पर चर्चा की संभावना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दोनों देशों के संबंधों पर चीन का रुख सामने रखा। उन्होंने कहा कि चीन और भारत दोनों नेता स्तर पर होने वाली द्विपक्षीय बैठक की तैयारी कर रहे हैं। राजदूत के अनुसार, दोनों देशों को अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए। उन्होंने बातचीत और सहयोग बढ़ाने तथा मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाने के लिए भारत के साथ काम करने की इच्छा जताई।

शू फेइहोंग के बयान को दोनों देशों के बीच संबंधों में संवाद की दिशा में एक सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने BRICS सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि चीन भारत की ओर से आयोजित किए जा रहे BRICS शिखर सम्मेलन को सफल बनाने में सहयोग का इच्छुक है। BRICS के मंच पर भारत और चीन दोनों महत्वपूर्ण सदस्य हैं और दोनों देशों के बीच आर्थिक तथा बहुपक्षीय सहयोग का भी लंबा इतिहास रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच इससे पहले भी बहुपक्षीय बैठकों के दौरान बातचीत हुई है। वर्ष 2024 में कजान में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच मुलाकात हुई थी। इसके बाद 2025 में तियानजिन में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन के दौरान भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई थी। अब भारत में BRICS सम्मेलन के दौरान प्रस्तावित बैठक को इसी कड़ी में देखा जा रहा है।

दोनों देशों के बीच सीमा और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों को लेकर मतभेद रहे हैं। ऐसे में चीन की ओर से मतभेदों को बातचीत और सहयोग के माध्यम से सुलझाने की बात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की बैठक में द्विपक्षीय संबंधों, सीमा से जुड़े मुद्दों, व्यापार, आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय परिस्थितियों समेत कई विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।

प्रस्तावित बैठक के कारण BRICS Summit 2026 के दौरान भारत-चीन संबंधों पर विशेष ध्यान बना हुआ है। चीन की ओर से सहयोग बढ़ाने और मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाने का संदेश ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच सीधे संवाद का अवसर बन रहा है। अब इस बैठक में दोनों नेताओं की बातचीत और उससे निकलने वाले संभावित संदेश पर भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रहेगी।