भारत में ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान का अमेरिका-इजरायल पर कड़ा रुख, कहा- दबाव के आगे नहीं झुकेगा ईरान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने नई दिल्ली में BRICS Business Forum के दौरान अमेरिका और इजरायल को लेकर कड़ा रुख जाहिर किया। उन्होंने कहा कि ईरान किसी दबाव, धौंस या अहंकार के आगे नहीं झुकेगा और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी भारत की भूमिका की सराहना की।

Sep 12, 2026 - 10:11
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भारत में ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान का अमेरिका-इजरायल पर कड़ा रुख, कहा- दबाव के आगे नहीं झुकेगा ईरान

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। भारत की मेजबानी में आयोजित BRICS सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका और इजरायल को लेकर अपना कड़ा रुख जाहिर किया है। नई दिल्ली में आयोजित BRICS Business Forum के कार्यक्रम में बोलते हुए पेजेशकियान ने कहा कि ईरान किसी भी दबाव, धौंस या अहंकार के आगे आत्मसमर्पण नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि उनका देश अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा और किसी भी तरह के दबाव का सामना करने के लिए तैयार है।

ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका और इजरायल की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान शांति और समानता में विश्वास करता है, लेकिन इसके लिए उसे अपने अधिकारों और हितों से समझौता करना स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान को दबाव में लाने की कोशिशों का वह विरोध करेगा। पेजेशकियान का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम एशिया में तनाव और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे लगातार अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बने हुए हैं।

कार्यक्रम के दौरान पेजेशकियान ने अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दोनों देशों की सेनाओं को आतंकवादी बताते हुए दक्षिणी ईरान में एक प्राथमिक स्कूल के पास हुए कथित अमेरिकी हमले का उल्लेख किया। ईरानी राष्ट्रपति ने दावा किया कि इस घटना में बड़ी संख्या में बच्चों की मौत हुई। उन्होंने अमेरिकी और इजरायली कार्रवाइयों की तुलना एक ऐसे अनियंत्रित घोड़े से की, जिसे बिना लगाम के दौड़ाया जा रहा हो। हालांकि, उनके द्वारा बताए गए घटनाक्रम और आंकड़ों से जुड़े दावों को संबंधित पक्षों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

पेजेशकियान ने कहा कि ईरान किसी भी देश के साथ टकराव नहीं चाहता और क्षेत्र में शांति एवं समानता का समर्थन करता है। उनके मुताबिक, बातचीत और सहयोग के जरिए समस्याओं का समाधान निकाला जाना चाहिए, लेकिन किसी देश पर दबाव डालकर उसकी नीतियां बदलने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने ईरान की स्वतंत्र नीति और राष्ट्रीय हितों की रक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही।

इस दौरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी मौजूद रहे। अराघची ने भारत की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ईरान भारत को एक महत्वपूर्ण और तेजी से उभरती हुई शक्ति के रूप में देखता है। उन्होंने BRICS की अध्यक्षता कर रहे भारत के साथ सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। भारत और ईरान के बीच लंबे समय से व्यापार, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर संबंध रहे हैं और BRICS मंच पर दोनों देशों की मौजूदगी ने इन संबंधों को नई चर्चा दी है।

कार्यक्रम में भारतीय धार्मिक नेताओं, विद्वानों और कारोबारियों सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल हुए। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान शुक्रवार सुबह तीन दिवसीय भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे थे। उनकी यात्रा के दौरान BRICS सम्मेलन के अलावा भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी बातचीत हो रही है। पेजेशकियान के अमेरिका और इजरायल को लेकर दिए गए बयान के बाद भारत में आयोजित BRICS कार्यक्रम से सामने आया उनका संदेश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।