मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया स्वदेशी मेले के पोस्टर और ब्रोशर का विमोचन, प्रदेशभर में लगेंगे मेले

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वदेशी जागरण फाउंडेशन की इकाई भारतीय विपणन विकास केंद्र द्वारा आयोजित होने वाले स्वदेशी मेले के पोस्टर और ब्रोशर का विमोचन किया। बस्तर से सरगुजा तक विभिन्न शहरों में आयोजित होने वाले इन मेलों के जरिए स्थानीय कारीगरों, स्व-सहायता समूहों और स्वदेशी उद्योगों को प्रोत्साहन देने पर जोर रहेगा।

Sep 12, 2026 - 09:45
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया स्वदेशी मेले के पोस्टर और ब्रोशर का विमोचन, प्रदेशभर में लगेंगे मेले

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में स्वदेशी उत्पादों, स्थानीय कारीगरों और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस वर्ष प्रदेश के विभिन्न शहरों में स्वदेशी मेले आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वदेशी जागरण फाउंडेशन की इकाई भारतीय विपणन विकास केंद्र (CBMD) द्वारा आयोजित किए जाने वाले स्वदेशी मेले के आधिकारिक पोस्टर और ब्रोशर का विमोचन किया। इस दौरान स्वदेशी जागरण मंच के प्रांतीय पदाधिकारी, कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे।

स्वदेशी मेले का आयोजन बस्तर से लेकर सरगुजा तक प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में किया जाना प्रस्तावित है। जगदलपुर, बिलासपुर, रायपुर, भिलाई-दुर्ग, राजनांदगांव और अंबिकापुर में इन मेलों का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, इन आयोजनों का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना और कारीगरों, उद्यमियों तथा स्व-सहायता समूहों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री का अवसर देना है।

पोस्टर और ब्रोशर विमोचन कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं विधायक अमर अग्रवाल सहित अमरजीत सिंह छाबड़ा, युगबोध अग्रवाल, अमर बंसल, सुब्रत चाकी, जसप्रीत सलूजा और रायपुर से मनीषा सिंह उपस्थित रहीं। बिलासपुर से डॉ. सुशील श्रीवास्तव, डॉ. प्रफुल्ल शर्मा, गुलशन ऋषि और अरुणा दीक्षित कार्यक्रम में शामिल हुए। राजनांदगांव से विष्णु साव, विनोद डड्ढा और योगेश बागड़ी तथा भिलाई-दुर्ग से दिनेश पाटील, अजय भसीन और शंकर सचदेव भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वदेशी मेले के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय कारीगरों, स्व-सहायता समूहों और स्वदेशी उद्योगों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को बाजार और उपभोक्ताओं तक पहुंच मिलने से छोटे उद्यमों को प्रोत्साहन मिल सकता है। ऐसे आयोजनों से उद्यमिता और स्वरोजगार की संभावनाओं को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

आयोजकों का कहना है कि स्वदेशी मेलों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों से जुड़े उत्पादकों को अपने उत्पादों की पहचान बनाने का अवसर मिलेगा। हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पाद, घरेलू उद्योगों से जुड़े सामान और स्थानीय स्तर पर तैयार वस्तुओं को मेले में प्रदर्शित किए जाने की संभावना है। इससे स्थानीय उत्पादन और बाजार के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

भारतीय विपणन विकास केंद्र की ओर से प्रदेश के अलग-अलग जिलों में आयोजित होने वाले इन मेलों की विस्तृत तैयारियां की जा रही हैं। मेले की तारीख, स्थान और अन्य कार्यक्रमों की जानकारी जल्द जारी किए जाने की बात कही गई है। आयोजकों के अनुसार, बस्तर से सरगुजा तक विभिन्न क्षेत्रों में स्वदेशी उत्पादों को मंच देने का प्रयास किया जाएगा। इससे स्थानीय कारीगरों, महिला स्व-सहायता समूहों, छोटे उद्यमियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार और बिक्री के लिए बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।