रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर में अनियमितताओं के आरोप, कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब
प्रदेश कांग्रेस ने रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर परियोजना में घटिया निर्माण, देरी और कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने परियोजना की स्वतंत्र जांच कराने, गुणवत्ता की समीक्षा करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर परियोजना को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि जिस परियोजना को प्रदेश के विकास की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना बताया जा रहा है, उसी परियोजना में निर्माण की गुणवत्ता, कार्य में देरी और कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। पार्टी ने सरकार से इन आरोपों पर स्पष्ट जवाब देने और परियोजना की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 16 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का दावा कर रही है। इसके बावजूद यदि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी कई स्थानों पर मरम्मत और सुधार की आवश्यकता पड़ रही है, तो यह निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी सार्वजनिक परियोजना में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि परियोजना के विभिन्न हिस्सों में निर्माण संबंधी खामियों की शिकायतें सामने आने के बावजूद सरकार ने अब तक कोई ठोस जवाब नहीं दिया है। पार्टी का कहना है कि यदि सरकार के अनुसार अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है, तो फिर बार-बार सुधार और मरम्मत की जरूरत क्यों पड़ रही है। कांग्रेस ने इसे निर्माण प्रक्रिया में संभावित लापरवाही और अनियमितताओं का संकेत बताया है।
पार्टी ने सरकार से यह भी पूछा है कि परियोजना की लागत में वृद्धि और कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों तथा ठेकेदारों की जवाबदेही कब तय की जाएगी। कांग्रेस का कहना है कि जिन स्थानों पर निर्माण में खामियां सामने आई हैं, वहां संबंधित एजेंसियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
कांग्रेस ने परियोजना के शेष कार्यों की समय-सीमा को लेकर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि परियोजना पूरी तरह कब तक तैयार होगी और इसका वास्तविक लाभ लोगों को कब से मिलना शुरू होगा। कांग्रेस के अनुसार, केवल घोषणाओं और प्रचार से विकास नहीं होता, बल्कि योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध क्रियान्वयन अधिक महत्वपूर्ण है।
प्रदेश कांग्रेस ने रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर परियोजना की उच्च स्तरीय, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार या निर्माण में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
कांग्रेस ने कहा कि सड़क और आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाएं सीधे आम जनता की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ी होती हैं। इसलिए ऐसी परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। पार्टी ने सरकार से मांग की है कि रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर से जुड़े सभी सवालों का सार्वजनिक रूप से जवाब दिया जाए, ताकि परियोजना को लेकर उठ रहे संदेह दूर हो सकें और जनता का विश्वास कायम रहे।