प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मिला अतिरिक्त प्रभार

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी फिलहाल प्रह्लाद जोशी को सौंप दी है। प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने उन्हें उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार देने का आदेश जारी किया है।

Jul 26, 2026 - 11:42
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प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मिला अतिरिक्त प्रभार

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी में बड़ा बदलाव करते हुए प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। यह निर्णय केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद लिया गया। राष्ट्रपति द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रधानमंत्री की सलाह पर प्रह्लाद जोशी अपने वर्तमान मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार भी संभालेंगे।

सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। नए पूर्णकालिक शिक्षा मंत्री की नियुक्ति होने तक प्रह्लाद जोशी शिक्षा मंत्रालय के कार्यों का संचालन करेंगे। इससे मंत्रालय के प्रशासनिक और नीतिगत कार्यों में किसी प्रकार की रुकावट न आए, इसके लिए अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था की गई है।

प्रह्लाद जोशी केंद्र सरकार के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और उन्हें विभिन्न मंत्रालयों में कार्य करने का अनुभव है। अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद अब उनके जिम्मे शिक्षा मंत्रालय से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों और प्रशासनिक कार्यों की निगरानी भी होगी। आने वाले समय में मंत्रालय की प्राथमिकताओं, योजनाओं और लंबित कार्यों पर उनका विशेष ध्यान रहेगा।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय का नेतृत्व किसे सौंपा जाएगा, इसको लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा चल रही थी। इसी बीच सरकार ने अंतरिम व्यवस्था के तहत प्रह्लाद जोशी को अतिरिक्त प्रभार सौंपने का निर्णय लिया। इससे मंत्रालय के नियमित कामकाज को जारी रखने में मदद मिलेगी।

शिक्षा मंत्रालय देश की स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति और विभिन्न केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों का संचालन करता है। ऐसे में मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने वाले मंत्री के सामने कई अहम प्रशासनिक और नीतिगत दायित्व होते हैं। अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद प्रह्लाद जोशी इन सभी मामलों की समीक्षा और आवश्यक निर्णय लेंगे।

सरकार की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह अतिरिक्त जिम्मेदारी उनके वर्तमान मंत्रालयों के साथ दी गई है। मंत्रालय के अधिकारी भी नए प्रभार के अनुरूप प्रशासनिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में जुट गए हैं। माना जा रहा है कि शिक्षा मंत्रालय की योजनाओं और कार्यक्रमों का संचालन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अतिरिक्त प्रभार देने का उद्देश्य मंत्रालय के कामकाज में निरंतरता बनाए रखना है, ताकि शिक्षा से जुड़े निर्णय और योजनाएं प्रभावित न हों। वहीं, पूर्णकालिक शिक्षा मंत्री की नियुक्ति को लेकर भविष्य में केंद्र सरकार अलग से निर्णय ले सकती है।