मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वदेशी मेले के पोस्टर और ब्रोशर का किया विमोचन, बस्तर से सरगुजा तक लगेंगे मेले

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वदेशी जागरण फाउंडेशन की इकाई भारतीय विपणन विकास केंद्र (CBMD) द्वारा छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों में आयोजित किए जाने वाले स्वदेशी मेले के पोस्टर और ब्रोशर का विमोचन किया। इस वर्ष जगदलपुर, बिलासपुर, रायपुर, भिलाई-दुर्ग, राजनांदगांव और अंबिकापुर में स्वदेशी मेले आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय कारीगरों, स्व-सहायता समूहों, उद्यमियों और स्वदेशी उद्योगों को प्रोत्साहन मिलता है।

Sep 9, 2026 - 20:38
 0  2
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वदेशी मेले के पोस्टर और ब्रोशर का किया विमोचन, बस्तर से सरगुजा तक लगेंगे मेले

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह,रायपुर l छत्तीसगढ़ में स्वदेशी उत्पादों, स्थानीय उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस वर्ष विभिन्न जिलों में स्वदेशी मेले आयोजित किए जाएंगे। इसी क्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वदेशी जागरण फाउंडेशन की इकाई भारतीय विपणन विकास केंद्र (CBMD) द्वारा आयोजित किए जाने वाले स्वदेशी मेले के आधिकारिक पोस्टर और ब्रोशर का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मेलों के माध्यम से स्थानीय कारीगरों, स्व-सहायता समूहों और स्वदेशी उद्योगों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए बेहतर मंच मिलता है।

इस वर्ष स्वदेशी मेले का आयोजन छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों में किया जाएगा। बस्तर से लेकर सरगुजा तक स्वदेशी उत्पादों और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने की तैयारी है। प्रस्तावित आयोजनों में जगदलपुर, बिलासपुर, रायपुर, भिलाई-दुर्ग, राजनांदगांव और अंबिकापुर शामिल हैं। इन शहरों में आयोजित होने वाले मेलों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर तैयार किए जाने वाले उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, मेले की तिथियों और आयोजन स्थलों से संबंधित विस्तृत जानकारी जल्द जारी की जाएगी।

पोस्टर और ब्रोशर विमोचन के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वदेशी मेले के आयोजन को उपयोगी पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं, ग्रामीण क्षेत्र के उत्पादकों और स्थानीय उद्योगों को अपने उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी ऐसे मेले उपयोगी साबित हो सकते हैं।

स्वदेशी मेले का उद्देश्य केवल उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव और गरीब तबके तक उद्यमिता एवं स्वरोजगार की भावना को बढ़ावा देना भी है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और हुनर के आधार पर रोजगार के अवसर तैयार करने तथा लोगों को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जाएगा। इससे स्थानीय उत्पादों की पहचान मजबूत करने और उन्हें बाजार से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।

विमोचन कार्यक्रम में स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत स्तर के प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूर्व मंत्री एवं विधायक अमर अग्रवाल के साथ अमरजीत सिंह छाबड़ा, युगबोध अग्रवाल, अमर बंसल, सुब्रत चाकी और जसप्रीत सलूजा सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। रायपुर से मनीषा सिंह, बिलासपुर से डॉ. सुशील श्रीवास्तव, डॉ. प्रफुल्ल शर्मा, गुलशन ऋषि और अरुणा दीक्षित, राजनांदगांव से विष्णु साव, विनोद डड्ढा और योगेश बागड़ी तथा भिलाई-दुर्ग से दिनेश पाटील, अजय भसीन और शंकर सचदेव भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

आयोजकों का कहना है कि स्वदेशी मेले के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों के स्थानीय उत्पादों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जाएगा। यहां कारीगरों, स्व-सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने तथा संभावित ग्राहकों तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय उत्पादों के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाने और स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ के अलग-अलग संभागों में होने वाले इन आयोजनों की तारीख और स्थान की विस्तृत जानकारी जल्द सामने आने की बात कही गई है। फिलहाल पोस्टर और ब्रोशर के विमोचन के साथ स्वदेशी मेले की तैयारियों को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया गया है। बस्तर से लेकर सरगुजा तक प्रस्तावित इन आयोजनों से स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और स्व-सहायता समूहों को अपने उत्पादों के लिए नया बाजार और मंच मिलने की उम्मीद है।