UNITED NEWS OF ASIA. आकाश सोनकर, सरगुजा l कलेक्टर अजीत वसंत ने बुधवार को जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में जिले में संचालित एकलव्य, प्रयास एवं कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों के प्राचार्यों और अधीक्षकों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने विद्यालयों में विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही शैक्षणिक, आवासीय और मूलभूत सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई, अनुशासन, भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा और छात्रावास व्यवस्था सहित विभिन्न विषयों पर अधिकारियों से जानकारी ली गई। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोमा श्रीवास्तव, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ललित शुक्ला, जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा सहित संबंधित अधिकारी, विभिन्न आवासीय विद्यालयों के प्राचार्य और अधीक्षक उपस्थित रहे।
कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने विद्यालयवार उपलब्ध सुविधाओं, व्यवस्थाओं और सामने आ रही समस्याओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसे गंभीरता से सुनिश्चित किया जाए। किसी भी अप्रिय या समस्या वाली स्थिति में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
बैठक में कलेक्टर ने विद्यालयों में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भोजन की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए और विद्यार्थियों की ओर से भोजन को लेकर शिकायत की स्थिति नहीं बननी चाहिए। उन्होंने छात्रावासों में स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, शौचालय, अध्ययन कक्ष और अन्य आवश्यक सुविधाओं की नियमित जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालयों में रहने वाले विद्यार्थियों को दैनिक जरूरत की सभी मूलभूत सुविधाएं निर्धारित गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
कलेक्टर ने विद्यालय भवनों की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन भवनों में मरम्मत अथवा आवश्यक सुधार की जरूरत है, उनके कार्यों का जल्द एस्टीमेट तैयार कर प्रस्तुत किया जाए, ताकि जरूरी कार्य समय पर कराए जा सकें। उन्होंने विद्यालय परिसर और छात्रावासों की स्थिति पर नियमित निगरानी रखने तथा किसी भी कमी को नजरअंदाज नहीं करने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर भी प्रबंधन को सतर्क रहने और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
कलेक्टर अजीत वसंत ने प्राचार्यों और अधीक्षकों से उनके विद्यालयों की शैक्षणिक प्रगति और विद्यार्थियों के अनुशासन के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल पढ़ाई पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके स्वास्थ्य, मानसिक विकास, अनुशासन, सुरक्षा और रहने के वातावरण पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना जरूरी है। विद्यालय प्रबंधन को शिक्षकों, अधीक्षकों और संबंधित विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों से जुड़ी व्यवस्थाओं में लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। प्राचार्यों और अधीक्षकों को अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने तथा समस्याओं का समय पर समाधान करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सभी संबंधित अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण मिले, जिससे वे पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकें।