UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञराज पटेल, छिंदवाड़ा l भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों के प्रदर्शन के दौरान वाटर कैनन और लाठीचार्ज किए जाने के मामले को लेकर छिंदवाड़ा जिला कांग्रेस कार्यवाहक अध्यक्ष एडवोकेट सुरेश कपाले ने मध्य प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के खिलाफ की गई कार्रवाई को शर्मनाक बताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन और इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग की है। सुरेश कपाले ने कहा कि डॉक्टर अपनी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे और ऐसे में उनके साथ बल प्रयोग किया जाना उचित नहीं है।
सुरेश कपाले के अनुसार, इंटर्न डॉक्टर लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग उठा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मध्य प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों को मिलने वाला स्टाइपेंड देश के अन्य राज्यों की तुलना में कम है। कांग्रेस नेता ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने वाले डॉक्टरों के साथ बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने के बजाय वाटर कैनन और लाठीचार्ज का सहारा लिया जाना सरकार के रवैये पर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए इसे तानाशाहीपूर्ण रवैया बताया। सुरेश कपाले ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े युवा डॉक्टर अपनी आर्थिक मांगों और स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे मामलों में सरकार को डॉक्टरों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं को समझना चाहिए और समाधान की दिशा में कदम उठाने चाहिए। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की जांच कर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग भी उठाई है।
इसी मामले को लेकर इंदौर के एमवाय अस्पताल में भी डॉक्टरों के विरोध प्रदर्शन का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने की बात सामने आई है। कांग्रेस नेता ने कहा कि डॉक्टरों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आंदोलन का प्रभाव अन्य स्थानों पर भी दिखाई दे सकता है। हालांकि अस्पतालों में मरीजों की सुविधा और जरूरी चिकित्सा सेवाओं को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है।
एडवोकेट सुरेश कपाले ने सरकार के सामने दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की है। दूसरी मांग इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी करने की है। उनका कहना है कि डॉक्टरों की मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए और प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में डॉक्टरों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और इंटर्न डॉक्टर भी अस्पतालों में मरीजों की चिकित्सा सेवाओं का हिस्सा होते हैं। ऐसे में उनकी समस्याओं और मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि पूरे मामले में संवाद का रास्ता अपनाते हुए डॉक्टरों की मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाए।
इस पूरे मामले में सुरेश कपाले की ओर से लगाए गए आरोप और मांगें कांग्रेस पार्टी के राजनीतिक रुख के तौर पर सामने आई हैं। पुलिस कार्रवाई और डॉक्टरों की मांगों से जुड़े तथ्यों पर अंतिम स्थिति संबंधित प्रशासन के आधिकारिक पक्ष के आधार पर स्पष्ट होगी। फिलहाल कांग्रेस ने सरकार से दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने और इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वृद्धि करने की मांग उठाई है।