पुलिस के अनुसार, कार्रवाई में जम्मू स्पेशल व्हिस्की के 30 भरे हुए पौवे बरामद हुए हैं। प्रत्येक पौवा 180 एमएल का बताया गया है और कुल शराब की मात्रा 5.400 लीटर है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 3,600 रुपये बताई गई है। इसके अलावा क्यूआर कोड और होलोग्राम से संबंधित 18 पत्ते, रॉयल स्टैग के होलोग्राम स्टीकर, बार कोड और रेट वाले 50 पत्ते, रॉयल चैलेंज के 38 पत्ते और मैकडॉवल नंबर 1 के 10 होलोग्राम स्टीकर भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस ने रॉयल स्टैग, रॉयल चैलेंज, मैकडॉवल नंबर 1, सिग्नेचर, आरएस और आरसी समेत अलग-अलग ब्रांड की कुल 4,409 खाली बोतलें और पौवे बरामद किए हैं। इनमें मैकडॉवल नंबर 1 के 2,078 खाली पौवे, 411 खाली बोतल और 107 अद्धी, सिग्नेचर की 61 खाली बोतल, रॉयल स्टैग के 367 खाली पौवे, 121 बोतल और 95 अद्धी शामिल हैं। वहीं आरसी के 964 खाली पौवे और 87 बोतल तथा आईबी के 103 खाली पौवे और 15 बोतल भी बरामद किए गए हैं। इन खाली बोतलों और पौवों की अनुमानित कीमत करीब 22,045 रुपये बताई गई है।
कार्रवाई के दौरान कार्टून में रखे 170 पेटी खाली पौवे भी पुलिस के हाथ लगे हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 34 हजार रुपये बताई गई है। इसके साथ ही अलग-अलग ब्रांड के कुल 3,380 ढक्कन बरामद किए गए हैं। बरामद सामग्री में पौवा और बोतल के ढक्कन के अलावा रॉयल स्टैग, रॉयल चैलेंज, आरएस और आरसी सहित अन्य ब्रांडों से संबंधित ढक्कन शामिल हैं।
इतनी बड़ी संख्या में नामी शराब ब्रांड की खाली बोतलें, ढक्कन और होलोग्राम मिलने के बाद पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह सामग्री वहां किस उद्देश्य से रखी गई थी। नकली या मिलावटी शराब तैयार करने के लिए इनका इस्तेमाल किए जाने की आशंका भी जांच का हिस्सा है। हालांकि, फिलहाल पुलिस की जांच पूरी नहीं हुई है और बरामद सामग्री का वास्तविक इस्तेमाल किस काम के लिए होना था, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
इस कार्रवाई का संबंध कुछ दिन पहले कोरर पुलिस द्वारा शराब परिवहन के मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों से भी जोड़ा जा रहा है। बताया गया है कि तीनों आरोपी फिलहाल जेल में हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि भानुप्रतापपुर के नारायणपुर स्थित खाली घर तक इतनी बड़ी मात्रा में शराब से जुड़ी सामग्री कैसे पहुंची और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
मामले में पुलिस बरामद सामग्री के स्रोत, उसके इस्तेमाल और संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि होलोग्राम और बार कोड वाले स्टीकर कहां से प्राप्त किए गए। फिलहाल सभी सामग्री जब्त कर ली गई है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।