NIA की चार्जशीट के मुताबिक, 10 नवंबर 2025 की शाम करीब 6:50 बजे लाल किले के पास कार में विस्फोट हुआ था। इस घटना में 11 लोगों की मौत और 29 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। मामले की जांच के दौरान NIA ने घटनास्थल और विस्फोट में इस्तेमाल वाहन से जुड़े विभिन्न साक्ष्यों को एकत्र किया। एजेंसी का कहना है कि फॉरेंसिक जांच और अन्य सबूतों के आधार पर मामले में आरोपियों की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।
जांच एजेंसी के अनुसार, घटनास्थल से मिले जैविक नमूनों की DNA जांच से उमर उन नबी की पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण सुराग मिला। NIA का दावा है कि फॉरेंसिक साक्ष्यों से यह सामने आया कि उमर उन नबी विस्फोट के दौरान कार में मौजूद था। जांच में कार को एक वाहन आधारित विस्फोटक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किए जाने की बात भी चार्जशीट में कही गई है।
NIA ने चार्जशीट में उमर उन नबी उर्फ पिंडा और राहुल भट सहित कुछ आरोपियों पर एक कथित आतंकी मॉड्यूल को दोबारा सक्रिय करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। एजेंसी के अनुसार, यह मॉड्यूल लंबे समय से निष्क्रिय था और वर्ष 2022 की शुरुआत से इसे फिर से सक्रिय करने की गतिविधियां चल रही थीं। जांच एजेंसी का दावा है कि इस दौरान आरोपी कथित तौर पर कट्टरपंथी सामग्री साझा करते थे और हिंसक गतिविधियों से जुड़े विचारों का प्रचार करते थे।
चार्जशीट में NIA ने जम्मू-कश्मीर और दिल्ली-एनसीआर में हुई कथित बैठकों का भी उल्लेख किया है। एजेंसी के मुताबिक, इन बैठकों के दौरान मॉड्यूल से जुड़े लोगों के बीच संपर्क, गतिविधियों और आगे की तैयारियों को लेकर चर्चा हुई। NIA का दावा है कि जांच के दौरान सामने आए डिजिटल, फॉरेंसिक और अन्य साक्ष्यों से आरोपियों की कथित भूमिका के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।
जांच के दौरान विस्फोट वाली कार और घटनास्थल से बरामद सामग्री की फॉरेंसिक जांच भी की गई। एजेंसी ने इन जांचों के आधार पर विस्फोट में इस्तेमाल सामग्री और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं का विश्लेषण किया। हालांकि, मामले में आरोपों और साक्ष्यों का अंतिम न्यायिक परीक्षण अदालत में होना बाकी है।
NIA की चार्जशीट के बाद अब इस मामले की जांच में सामने आए तथ्यों और 13 आरोपियों की कथित भूमिकाओं को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। जांच एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की गई है। वहीं, आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप अदालत में सुनवाई के दौरान साबित होना बाकी हैं। लाल किला ब्लास्ट मामले में NIA की जांच और चार्जशीट ने घटना के पीछे कथित साजिश और नेटवर्क को लेकर कई नए सवालों को सामने रखा है।