मक्का पैक्ट पर रूसी विदेश मंत्री का बड़ा बयान, कहा- ईरान की एंट्री से गल्फ में सामूहिक सुरक्षा बढ़ेगी

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच रूस ने मक्का पैक्ट के सुरक्षा ढांचे को लेकर बड़ा बयान दिया है। विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने संकेत दिया कि ईरान को इस व्यवस्था में शामिल किया जाता है तो खाड़ी क्षेत्र में सामूहिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। उन्होंने मिस्र और अल्जीरिया जैसे देशों की संभावित भागीदारी का भी समर्थन किया।

Sep 8, 2026 - 18:06
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मक्का पैक्ट पर रूसी विदेश मंत्री का बड़ा बयान, कहा- ईरान की एंट्री से गल्फ में सामूहिक सुरक्षा बढ़ेगी

UNITED NEWS OF ASIA. मॉस्को। मध्य पूर्व में जारी तनाव और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर रूस ने मक्का पैक्ट को लेकर अहम संकेत दिए हैं। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि यदि ईरान को मक्का समझौते के प्रस्तावित सुरक्षा ढांचे में शामिल किया जाता है, तो यह गल्फ क्षेत्र में सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

लावरोव ने मक्का पैक्ट को खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक खुले ढांचे के तौर पर पेश किया। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को केवल कुछ चुनिंदा गल्फ देशों तक सीमित रखने की आवश्यकता नहीं है। उनके मुताबिक, यदि अन्य देश इसमें शामिल होना चाहते हैं तो उनके लिए भी रास्ता खुला होना चाहिए।

रूस के विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब मध्य पूर्व में तनाव का माहौल बना हुआ है। उन्होंने ईरान की संभावित भागीदारी को विशेष महत्व देते हुए कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था में ईरान को शामिल करना सामूहिक सुरक्षा की अवधारणा को मजबूत कर सकता है।

लावरोव ने मिस्र और अल्जीरिया जैसे देशों की भागीदारी का भी समर्थन किया। उन्होंने संकेत दिया कि सुरक्षा समझौते को व्यापक स्वरूप दिया जा सकता है और इसमें केवल खाड़ी क्षेत्र के देशों की भागीदारी जरूरी नहीं होनी चाहिए। इससे क्षेत्र के अलग-अलग देशों के बीच सुरक्षा और संवाद का एक व्यापक मंच तैयार करने की संभावना बन सकती है।

मॉस्को स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस में छात्रों और फैकल्टी को संबोधित करते हुए लावरोव ने कहा कि प्रस्तावित समझौता सामूहिक सुरक्षा और रक्षात्मक गठबंधन की अवधारणा पर आधारित है। उन्होंने कहा कि इसके समर्थकों ने भी यह स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर दूसरे देश इस व्यवस्था का हिस्सा बन सकते हैं।

मक्का पैक्ट को लेकर सामने आए इस रूसी रुख का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि मॉस्को खुद इस व्यवस्था में अग्रिम भूमिका लेने की इच्छा नहीं रखता। लावरोव ने कहा कि रूस अगली पंक्ति की भूमिका नहीं चाहता, लेकिन क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी नीति जारी रखेगा। उन्होंने डॉलर पर निर्भरता कम करने की रूस की पुरानी लाइन को भी दोहराया।

लावरोव ने कहा कि मॉस्को लंबे समय से गल्फ देशों, अरब राजशाहियों और ईरान के बीच संवाद के लिए एक साझा मंच बनाने की वकालत करता रहा है। रूस के अनुसार, ऐसा मंच क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करने में मदद कर सकता है।

मक्का पैक्ट में ईरान की संभावित भागीदारी को लेकर लावरोव का बयान क्षेत्रीय समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि सुरक्षा ढांचे को व्यापक स्वरूप मिलता है और इसमें ईरान समेत अन्य देशों की भागीदारी होती है, तो इससे खाड़ी क्षेत्र में सामूहिक सुरक्षा और आपसी संवाद का नया मॉडल विकसित हो सकता है।

हालांकि, मक्का पैक्ट के प्रस्तावित ढांचे में विभिन्न देशों की वास्तविक भागीदारी और इसकी अंतिम रूपरेखा को लेकर अभी आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। रूस के इस बयान से इतना संकेत जरूर मिलता है कि मॉस्को खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को व्यापक और समावेशी बनाने के पक्ष में है।