ग्राम पंचायत बसनिया की निविदा प्रक्रिया पर सवाल, बिलों और भुगतान को लेकर उठे गंभीर आरोप
सिंगरौली के चितरंगी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बसनिया में निविदा प्रक्रिया और भुगतान को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि पंचायत दर्पण पर अपलोड कुछ बिलों में सरपंच और सचिव की सील-साइन दिखाई नहीं दे रही है। साथ ही अलग-अलग फर्मों को किए गए भुगतानों को लेकर भी पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. आदर्श तिवारी, सिंगरौली l जिले के चितरंगी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बसनिया में निविदा प्रक्रिया और उससे जुड़े भुगतान को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पंचायत दर्पण पर अपलोड किए गए कुछ बिलों को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं कि उनमें सरपंच और सचिव की सील-साइन दिखाई नहीं दे रही है। इसके अलावा अलग-अलग फर्मों को भुगतान किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
मामला सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल निविदा प्रक्रिया को लेकर उठ रहा है। आखिर ग्राम पंचायत बसनिया में संबंधित कार्य के लिए निविदा कब जारी की गई थी और इसमें कितने वेंडरों या फर्मों ने हिस्सा लिया था? निविदा प्रक्रिया में सबसे कम दर किस फर्म या वेंडर द्वारा प्रस्तुत की गई और अंत में अधिकृत वेंडर के रूप में किसे चुना गया, इन बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
इसके साथ ही यदि किसी एक वेंडर को निविदा प्रक्रिया के बाद कार्य के लिए अधिकृत किया गया था, तो अन्य फर्मों को भुगतान किस आधार पर किया गया, यह भी जांच का महत्वपूर्ण विषय माना जा रहा है। भुगतान से जुड़े दस्तावेजों और पंचायत के रिकॉर्ड की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अलग-अलग फर्मों को भुगतान करने के पीछे क्या प्रक्रिया अपनाई गई थी।
आरोप यह भी है कि पंचायत दर्पण पर उपलब्ध कुछ बिलों में सरपंच और सचिव की सील एवं हस्ताक्षर स्पष्ट रूप से नजर नहीं आ रहे हैं। हालांकि, केवल ऑनलाइन अपलोड किए गए बिलों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। इसके लिए पंचायत के मूल दस्तावेज, भुगतान संबंधी रिकॉर्ड, निविदा प्रक्रिया से जुड़े कागजात और संबंधित फर्मों के दस्तावेजों का परीक्षण आवश्यक होगा।
स्थानीय स्तर पर अब मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। जांच के दौरान निविदा आमंत्रण, प्राप्त निविदाओं, दरों की तुलना, वेंडर चयन, कार्यादेश, बिल, भुगतान स्वीकृति और बैंक भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप हुई या नहीं।
ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों के लिए सरकारी राशि का उपयोग किया जाता है। ऐसे में निविदा और भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना महत्वपूर्ण है। किसी भी तरह की शिकायत या आरोप की वास्तविक स्थिति दस्तावेजों की जांच के बाद ही सामने आ सकती है।
फिलहाल ग्राम पंचायत बसनिया के मामले में संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष और विस्तृत जांच की अपेक्षा की जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि निविदा प्रक्रिया में कितने वेंडरों ने भाग लिया, किसे अधिकृत किया गया और अलग-अलग फर्मों को किए गए भुगतानों का आधार क्या था।