फर्जी पासपोर्ट रैकेट का भंडाफोड़, बौद्ध अनुयायी बनकर विदेश यात्रा करते थे संदिग्ध
मध्य प्रदेश एसटीएफ ने डबरा में फर्जी पासपोर्ट तैयार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। बौद्ध विहार कॉलोनी के एक ही पते से 70 से ज्यादा पासपोर्ट जारी होने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाकर कुछ लोग बौद्ध अनुयायी बनकर विदेश यात्रा करते रहे। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के एंगल से जांच जारी है।
UNITED NEWS OF ASIA. ग्वालियर। मध्य प्रदेश एसटीएफ ने डबरा में फर्जी पासपोर्ट तैयार करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। जांच के दौरान बौद्ध विहार कॉलोनी के एक ही पते से 70 से ज्यादा पासपोर्ट जारी होने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि गिरोह ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट तैयार करवाए और इसके बाद कुछ लोग बौद्ध अनुयायी बनकर अलग-अलग देशों की यात्रा करते रहे। मामले में बांग्लादेशी नागरिकों के फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारत में पहचान बनाने का एंगल भी सामने आया है।
एसटीएफ के उप पुलिस महानिरीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा के मुताबिक, डबरा के सिमरिया टेकरी स्थित बौद्ध विहार कॉलोनी के एक ही पते पर कई लोगों के नाम से पासपोर्ट जारी किए गए। इनमें बंगाल और असम के पते का इस्तेमाल किया गया। जांच में सामने आया कि इन पासपोर्ट के जरिए थाईलैंड, मलेशिया, चीन, श्रीलंका और जापान जैसे देशों की यात्रा भी की गई।
मामले में एसटीएफ ने कथित मास्टरमाइंड रियाल चौधरी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक रियाल असम में रहता है और उसके मूल रूप से बांग्लादेशी होने की जानकारी सामने आई है। पूछताछ में फर्जी पासपोर्ट तैयार कराने से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं। आरोपी पर फर्जी पहचान और दस्तावेज तैयार कराने के लिए नेटवर्क का इस्तेमाल करने का आरोप है।
जांच एजेंसी के अनुसार, गिरोह ने आधार कार्ड, पैन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र समेत अन्य दस्तावेजों में कथित तौर पर फर्जीवाड़ा कराया। इसके बाद इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट के लिए आवेदन किए गए। आरोप है कि पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया में भी सांठगांठ कर फर्जी दस्तावेजों को सही साबित कराया गया। इस तरह गिरोह ने पासपोर्ट जारी होने की पूरी प्रक्रिया में सेंध लगाने का सिस्टम तैयार किया।
एसटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और फर्जी पासपोर्ट के जरिए कितने लोगों ने विदेश यात्रा की। जांच के दायरे में डबरा में आवेदकों के पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया भी है। इतने अधिक पासपोर्ट एक ही पते से जारी होने के बाद स्थानीय स्तर पर किए गए सत्यापन पर भी सवाल उठ रहे हैं।
एसटीएफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गिरोह के संपर्क और नेटवर्क की भी जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी पासपोर्ट तैयार कराने के पीछे सिर्फ भारत में सक्रिय नेटवर्क था या इसके तार दूसरे देशों तक जुड़े हुए हैं। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।