मां के अपमान पर विधानसभा में भावुक हुए स्पीकर, BRS नेता गिरफ्तार
तेलंगाना विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन स्पीकर गद्दाम प्रसाद कुमार अपनी दिवंगत मां को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर सदन में भावुक हो गए। विवाद के बाद BRS एमएलसी टी. मधुसूदन को पुलिस ने गिरफ्तार किया। सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर हंगामा भी हुआ।
UNITED NEWS OF ASIA. हैदराबाद। तेलंगाना विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन सदन से लेकर सड़क तक जमकर हंगामा देखने को मिला। विधानसभा अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद कुमार अपनी दिवंगत मां को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का जिक्र होने पर सदन में भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। मामले को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया। पुलिस ने BRS एमएलसी टी. मधुसूदन को गिरफ्तार कर लिया है।
विधानसभा में यह मुद्दा उस समय उठा जब मंत्री सीताक्का ने एमएलसी टी. मधुसूदन की ओर से स्पीकर की दिवंगत मां को लेकर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी की निंदा की। इसके बाद स्पीकर गद्दाम प्रसाद कुमार भावुक हो गए। वह सदन में अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और रो पड़े। घटना के बाद विधानसभा के भीतर और बाहर इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई।
मामले पर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इसे तेलंगाना विधानसभा के इतिहास का काला दिन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि BRS विधायक दल की बैठक एक फार्महाउस में हुई थी और विधानसभा पहुंचने से पहले पार्टी के सदस्यों को उकसाया गया था। हालांकि, विपक्ष की ओर से इन आरोपों को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
दरअसल, मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा के बाहर भी तनाव की स्थिति बनी रही। काले कपड़े पहनकर पहुंचे BRS विधायकों को विधानसभा परिसर में प्रवेश से रोकने पर सुरक्षाकर्मियों के साथ उनकी बहस हो गई। इसके बाद पुलिस ने KTR, हरीश राव और BRS के अन्य नेताओं को हिरासत में लिया और उन्हें अलग-अलग स्थानीय पुलिस स्टेशनों में भेज दिया।
इसी दौरान प्रदर्शन के बीच BRS एमएलसी टी. मधुसूदन पर स्पीकर और उनकी मां को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा। बाद में मधुसूदन ने आरोप से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यदि उनकी किसी टिप्पणी को विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ माना गया है तो वह उसे वापस लेने के लिए तैयार हैं।
विधानसभा की कार्यवाही भी हंगामे से प्रभावित रही। BJP सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए रजिस्ट्रेशन एक्ट की धारा 22-A के तहत निजी जमीनों को निषेध सूची में शामिल करने के मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की। इस सूची में शामिल संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन और अन्य लेन-देन पर रोक होती है।
स्पीकर ने सदन की कार्यवाही जारी रखने की अपील की, लेकिन BJP सदस्य अपनी मांग पर कायम रहे। विधायी मामलों के मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
सत्र के पहले ही दिन हुए इस पूरे घटनाक्रम ने तेलंगाना की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक ओर स्पीकर की दिवंगत मां को लेकर कथित टिप्पणी पर भावनात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है, वहीं दूसरी ओर BRS और सत्तारूढ़ कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।