ईरान ने अमेरिका को दी खुली चुनौती, ट्रंप का उड़ाया मजाक, कहा- ‘हबीबी, ईरान आओ’
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच दोनों देशों के बीच बयानबाजी और सोशल मीडिया वार भी तेज हो गया है। सिएरा लियोन स्थित ईरानी दूतावास ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े एक गेम-स्टाइल वीडियो के जरिए अमेरिका को संदेश दिया और ट्रंप का मजाक उड़ाते हुए ‘हबीबी, ईरान आओ’ लिखा। वहीं ईरान ने अमेरिका पर हमलों में आम लोगों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। अमेरिका ने होर्मुज क्षेत्र में ईरानी रॉकेट लॉन्चरों पर कार्रवाई को संभावित समुद्री बारूदी सुरंगों के खतरे से जोड़ा है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव के साथ-साथ सोशल मीडिया पर बयानबाजी और एक-दूसरे का मजाक उड़ाने का दौर भी तेज हो गया है। इसी कड़ी में सिएरा लियोन स्थित ईरानी दूतावास की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा एक गेम-स्टाइल वीडियो पोस्ट किया गया। पोस्ट के जरिए अमेरिका को चुनौती देते हुए ‘हबीबी, कम टू ईरान’ यानी ‘हबीबी, ईरान आओ’ का संदेश दिया गया। इस पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ‘अंकल सैम’ के संदर्भ में दिखाते हुए अमेरिकी पक्ष का मजाक उड़ाने की कोशिश की गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के हफ्तों में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव काफी बढ़ा है। ईरान की ओर से अमेरिका पर आम लोगों को निशाना बनाने का आरोप लगाया गया है। दक्षिणी ईरान में एक शादी समारोह पर अमेरिकी हमले के आरोप को भी दोनों देशों के बीच जारी तनाव के प्रमुख मुद्दों में बताया गया है। हालांकि ऐसे आरोपों के संबंध में अलग-अलग पक्षों के दावे सामने आते रहे हैं और घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने रविवार को होर्मुज क्षेत्र के एक द्वीप पर ईरान के रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। अमेरिकी पक्ष का दावा था कि इन लॉन्चरों का इस्तेमाल जलमार्ग में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की योजना में किया जा सकता था। अमेरिका के मुताबिक, इस तरह की गतिविधि से अंतरराष्ट्रीय समुद्री परिवहन और शिपिंग के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल है और यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए चिंता का विषय बन सकता है। समुद्री माइंस कम लागत में बड़े क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही को प्रभावित करने में सक्षम मानी जाती हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान पहले छोटी नौकाओं के माध्यम से समुद्री माइंस बिछाने की रणनीति का इस्तेमाल कर चुका है। कुछ प्रकार की माइंस में चुंबकीय या ध्वनि आधारित सेंसर होने के कारण उन्हें तलाशना और हटाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
इस बीच ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल से जुड़े मोहसेन रेजाई ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि ईरान युद्ध, कूटनीतिक दबाव और आर्थिक नाकेबंदी जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए नई रणनीति अपनाएगा। इससे साफ है कि दोनों देशों के बीच तनाव केवल सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि कूटनीतिक और आर्थिक मोर्चों पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है।
सोशल मीडिया पर सामने आया ‘हबीबी, कम टू ईरान’ संदेश इसी बढ़ते तनाव के बीच ईरान की आक्रामक संचार रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। एक तरफ दोनों पक्ष सैन्य कार्रवाइयों और सुरक्षा संबंधी आरोपों को लेकर आमने-सामने हैं, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए एक-दूसरे पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश भी दिखाई दे रही है। होर्मुज क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव आगे किस दिशा में जाता है और इसका वैश्विक समुद्री व्यापार पर क्या असर पड़ता है।