आरजी कर केस में CBI जांच से खुश नहीं पीड़िता की मां, बीजेपी विधायक रत्ना देबनाथ ने उठाए सवाल

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर से जुड़े रेप और मर्डर मामले में पीड़िता की मां और बीजेपी विधायक रत्ना देबनाथ ने CBI जांच की प्रगति पर असंतोष जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार बदलने के बाद भी परिवार न्याय का इंतजार कर रहा है। उन्होंने जांच प्रक्रिया और आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए।

Sep 4, 2026 - 13:15
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आरजी कर केस में CBI जांच से खुश नहीं पीड़िता की मां, बीजेपी विधायक रत्ना देबनाथ ने उठाए सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. कोलकाता l कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर से जुड़े रेप और मर्डर मामले को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। मामले में पीड़िता की मां और बीजेपी विधायक रत्ना देबनाथ ने केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI की जांच की प्रगति पर असंतोष जताया है। बैरकपुर में बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि न्याय दिलाने की प्रक्रिया जिस गति से आगे बढ़नी चाहिए थी, उस तरह आगे नहीं बढ़ रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सरकार बदलने के बाद क्या वास्तव में परिस्थितियों में बदलाव आया है।

रत्ना देबनाथ के अनुसार, परिवार ने कभी राजनीति में आने की इच्छा नहीं जताई थी। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी की दर्दनाक मौत के बाद परिवार न्याय की उम्मीद में आगे बढ़ा और उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि सरकार बदलने के बाद स्थिति में सुधार होगा। उनका कहना है कि इसके बावजूद न्याय की प्रक्रिया को लेकर इंतजार बना हुआ है। उन्होंने बंगाल की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में गिरावट का भी जिक्र किया और कहा कि वह मूल रूप से राजनीति में नहीं आना चाहती थीं।

पीड़िता की मां ने मामले की जांच को लेकर भी सवाल उठाए। अदालत की ओर से मामले में नई विशेष जांच टीम गठित किए जाने के बाद उन्होंने CBI की जांच प्रक्रिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि मामले में न्याय की दिशा में ठोस और प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परिवार लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है और जांच के परिणाम को लेकर उसकी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।

रत्ना देबनाथ ने आरोपी डॉक्टरों से जुड़े कार्रवाई के मुद्दे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि CBI की ओर से यह बात कही जा रही है कि आरोपी डॉक्टर हैं और उन्हें इस तरह गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, अदालत में भी डॉक्टरों की गिरफ्तारी को लेकर ऐसी टिप्पणी सामने आई थी। इस पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी बेटी भी डॉक्टर थी और यदि कोई डॉक्टर उनकी बेटी की मौत के मामले में आरोपी है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई क्यों नहीं हो सकती।

उन्होंने इस मामले में जिम्मेदारी तय करने और जांच को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। पीड़िता की मां का कहना है कि न्याय केवल आश्वासन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जांच और कानूनी प्रक्रिया में भी इसका असर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार बदलने के बाद भी यदि परिवार को न्याय के लिए इंतजार करना पड़ रहा है तो यह चिंता का विषय है।

आरजी कर मामला सामने आने के बाद से ही यह देशभर में चर्चा का विषय रहा है और महिला सुरक्षा तथा चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। अब पीड़िता की मां के ताजा बयान के बाद मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है। उनके बयान से स्पष्ट है कि परिवार जांच की प्रगति और न्याय की प्रक्रिया से संतुष्ट नहीं है तथा मामले में प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद कर रहा है।