अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम की बदहाली, एस्ट्रोटर्फ में जमी काली मिट्टी; खिलाड़ी बाल्टी से पानी डालकर कर रहे सफाई
अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में रखरखाव के अभाव की तस्वीर सामने आई है। एस्ट्रोटर्फ पर काली मिट्टी जमने से खिलाड़ियों को परेशानी हो रही है और खराब स्प्रिंकलर के कारण खिलाड़ी खुद बाल्टी से पानी डालकर टर्फ की सफाई करने को मजबूर हैं। करीब 21 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए गए इस मैदान में नए एस्ट्रोटर्फ, पवेलियन, फ्लड लाइन और शेड की मांग लंबे समय से की जा रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी मुकाबलों के लिए तैयार किए गए हॉकी स्टेडियम की मौजूदा स्थिति खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। स्टेडियम के एस्ट्रोटर्फ पर जगह-जगह काली मिट्टी जम गई है, जिससे मैदान में अभ्यास और खेलने के दौरान खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि टर्फ में पानी डालने के लिए लगाया गया स्प्रिंकलर सिस्टम खराब होने के कारण खिलाड़ी खुद बाल्टियों से पानी लाकर सफाई करने की कोशिश कर रहे हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि नियमित रखरखाव नहीं होने से मैदान की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2012-13 के दौरान ऑस्ट्रेलिया की कंपनी द्वारा स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ बिछाया गया था। इसके साथ टर्फ के चारों ओर स्प्रिंकलर सिस्टम भी लगाया गया था, ताकि जरूरत के अनुसार मैदान में पानी का छिड़काव किया जा सके। बताया गया कि एस्ट्रोटर्फ, स्प्रिंकलर मशीन, स्वीमिंग पूल सहित अन्य सुविधाओं के विकास पर करीब 21 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। वर्ष 2013 में यहां पहली बार हॉकी मैच का आयोजन भी हुआ था। हालांकि समय के साथ टर्फ की स्थिति खराब होने और रखरखाव संबंधी समस्याओं के कारण खिलाड़ियों को अब कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
खिलाड़ियों के अनुसार एस्ट्रोटर्फ पर काली मिट्टी की परत जम गई है। इसके कारण मैदान की सतह प्रभावित हो रही है और खेलते समय फिसलने का खतरा बना रहता है। आसपास मौजूद कारखानों से निकलने वाली काली मिट्टी और धूल के टर्फ पर जमा होने की बात भी सामने आई है। खिलाड़ियों का कहना है कि वे अपनी तरफ से पानी डालकर मैदान को साफ रखने का प्रयास करते हैं, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। खराब स्प्रिंकलर सिस्टम की मरम्मत या नए सिस्टम की व्यवस्था किए जाने की जरूरत है।
बताया गया कि पिछले दिनों दिसंबर में अभाविप की खेल प्रतियोगिता के दौरान मैदान की सफाई के लिए दिल्ली से मशीन मंगाई गई थी। नगर निगम के टैंकर से पानी उपलब्ध कराकर प्रेशर मशीन की मदद से एस्ट्रोटर्फ की सफाई कराई गई थी। इसके बावजूद कुछ समय बाद फिर से टर्फ पर मिट्टी जमने की स्थिति सामने आ गई।
स्टेडियम में केवल एस्ट्रोटर्फ ही नहीं, बल्कि अन्य सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पवेलियन, फ्लड लाइन और शेड का काम अब तक पूरा नहीं होने की बात कही गई है। वर्ष 2021-22 में एस्ट्रोटर्फ, पवेलियन, फ्लड लाइन और शेड के लिए सर्वे कराया गया था, लेकिन संबंधित कार्य आगे नहीं बढ़ सका। वहीं पवेलियन की ओर लगी कुर्सियां भी रखरखाव के अभाव में खराब होने लगी हैं।
खिलाड़ियों ने अधिकारियों से कई बार नए एस्ट्रोटर्फ और जरूरी सुविधाओं के विकास की मांग किए जाने की बात कही है। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैदान में बेहतर खेल सुविधाएं और नियमित रखरखाव जरूरी है, ताकि खिलाड़ियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण अभ्यास का वातावरण मिल सके।