बलरामपुर में लापता छात्रा का एक महीने बाद भी सुराग नहीं, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर थाना क्षेत्र से लापता छात्रा का एक महीने बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सरना से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक छात्रा के लापता होने के एक महीने बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस घटना ने न केवल परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार ग्राम सरना निवासी औरंगजेब खान (पिता मोहम्मद इस्माइल) की पुत्री हीना प्रवीन 20 फरवरी 2026 को अपने घर से नवीन महाविद्यालय पढ़ने के लिए निकली थी। परिजनों के मुताबिक, वह रोज की तरह कॉलेज जाने के लिए घर से निकली, लेकिन उस दिन के बाद वह वापस नहीं लौटी। रास्ते में ही संदिग्ध परिस्थितियों में उसका संपर्क टूट गया और वह अचानक लापता हो गई।
पीड़ित पिता ने बताया कि बेटी के गायब होने की सूचना उन्होंने तत्काल पुलिस को दी थी। इसके बाद से वे लगातार थाना और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक कोई ठोस जानकारी या मदद नहीं मिल सकी है। उनका आरोप है कि पुलिस द्वारा मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है और केवल औपचारिक कार्रवाई की जा रही है।
परिजनों का कहना है कि उन्हें जांच के नाम पर केवल इधर-उधर भटकाया जा रहा है। एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो लड़की की लोकेशन का पता चल पाया है और न ही कोई ठोस सुराग सामने आया है। इससे परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
औरंगजेब खान ने भावुक होकर कहा, “मेरी बेटी पढ़ने गई थी और वहीं से गायब हो गई। हम गरीब लोग हैं और प्रशासन से न्याय की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन हमारी सुनने वाला कोई नहीं है। पुलिस की सुस्ती हमारी चिंता और बढ़ा रही है।”
इस घटना ने महिला सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों के बीच एक छात्रा का इस तरह गायब होना और समय पर कार्रवाई का अभाव, व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करता है।
स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिस इस मामले में तेजी से कार्रवाई करे और छात्रा की जल्द से जल्द सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करे।
पीड़ित परिवार ने अब उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और उनकी बेटी को सुरक्षित वापस लाया जा सके।
कुल मिलाकर, यह मामला न केवल एक परिवार की पीड़ा को दर्शाता है, बल्कि प्रशासनिक तंत्र की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता दिखाते हैं और कब तक इस लापता छात्रा का सुराग मिल पाता है।