चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया में हड़कंप: पास्टर सस्पेंड, सचिव पर कार्रवाई, जांच शुरू

रायपुर स्थित चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया (CNI) डायोसिस में अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते एक पास्टर को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि चर्च के सचिव को “Member Not in Good Standing” घोषित किया गया है। डायोसिस के इस कड़े कदम से चर्च समुदाय में हलचल मच गई है और अब सबकी नजर जांच कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी है।

Apr 19, 2026 - 11:24
 0  10
चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया में हड़कंप: पास्टर सस्पेंड, सचिव पर कार्रवाई, जांच शुरू

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l  छत्तीसगढ़ के चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया (CNI) डायोसिस में हाल ही में लिए गए एक सख्त फैसले ने पूरे चर्च समुदाय में हलचल मचा दी है। डायोसिस प्रशासन ने अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते एम्मानुएल चर्च, विश्रामपुर के प्रेस्बिटर-इन-चार्ज रेव. समशेर सैमुअल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इस कार्रवाई के साथ ही चर्च के सचिव विकास पॉल के खिलाफ भी कड़ा कदम उठाया गया है, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है।

डायोसिस द्वारा जारी आदेश के अनुसार, रेव. समशेर सैमुअल पर आदेशों की अवहेलना, अनुशासनहीन व्यवहार और दुर्व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों को ध्यान में रखते हुए डायोसिस की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि उन्हें तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटाया जाए। सस्पेंशन के साथ ही उन पर कई प्रतिबंध भी लगाए गए हैं। उन्हें रायपुर स्थित डायोसिस कार्यालय में ही रहना होगा और बिना अनुमति कहीं जाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही उन्हें जांच समिति के सामने पेश होना अनिवार्य किया गया है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद चर्च की व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्काल नए प्रभार भी सौंपे गए हैं। रेव. शैलेश ल्यूक सोलोमन को एम्मानुएल चर्च की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि रेव. पवन कुमार सैमुअल को रविवार की आराधना सेवा संचालित करने का निर्देश दिया गया है। इस बदलाव को प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

मामले की निष्पक्ष जांच के लिए डायोसिस ने तीन सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है। यह समिति सभी आरोपों और परिस्थितियों की गहराई से जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल, चर्च समुदाय में इस रिपोर्ट को लेकर काफी उत्सुकता और चर्चा है।

दूसरी ओर, चर्च के सचिव विकास पॉल के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। उन्हें “Member Not in Good Standing” घोषित किया गया है। आरोप है कि उन्होंने बिना अनुमति एक सार्वजनिक प्रदर्शन में भाग लिया और वहां चर्च का नाम इस्तेमाल किया। हालांकि, उन्हें चर्च में आने से नहीं रोका गया है, लेकिन इस फैसले से उनकी प्रशासनिक स्थिति और साख पर स्पष्ट असर पड़ा है।

डायोसिस के इस कड़े रुख को एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि चर्च प्रशासन अब अनुशासन के मामलों में कोई ढील नहीं देगा। “नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी” — यही इस निर्णय का मुख्य संदेश माना जा रहा है।

अब पूरे मामले की दिशा जांच समिति की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सस्पेंड किए गए पास्टर को राहत मिलेगी या फिर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, चर्च की राजनीति और प्रशासन दोनों ही उबाल पर हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।