कोरबा में बड़ा हादसा: राखड़ डेम फूटा, JCB ऑपरेटर मलबे में दबा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एचटीपीपी के राखड़ डेम के फूटने से बड़ा हादसा हो गया, जिसमें एक JCB ऑपरेटर मलबे में दब गया। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई और औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

Apr 19, 2026 - 16:30
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कोरबा में बड़ा हादसा: राखड़ डेम फूटा, JCB ऑपरेटर मलबे में दबा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता,कोरबाछत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक दर्दनाक औद्योगिक हादसे ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। एचटीपीपी (हसदेव ताप विद्युत परियोजना) से जुड़े ग्राम झाबू स्थित राखड़ डेम अचानक फूट गया, जिसके कारण वहां कार्यरत एक JCB ऑपरेटर राख के मलबे में दब गया। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद मजदूरों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना अचानक हुई जब डेम के एक हिस्से में दबाव तेजी से बढ़ गया। देखते ही देखते राख का भारी सैलाब बह निकला और वहां काम कर रहे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। JCB मशीन चला रहा ऑपरेटर स्थिति को समझ पाता, उससे पहले ही राख के दलदल में फंस गया और मशीन सहित दब गया।

घटना के समय आसपास मौजूद मजदूरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन राख का दबाव और बहाव इतना ज्यादा था कि राहत कार्य तुरंत सफल नहीं हो पाया। हादसे के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और प्रबंधन के अधिकारी तथा सुरक्षा कर्मी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे।

सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है और बचाव दल लगातार प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ऑपरेटर की स्थिति गंभीर मानी जा रही है।

स्थानीय लोगों और मजदूरों का आरोप है कि राखड़ डेम की सुरक्षा व्यवस्था लंबे समय से लापरवाही का शिकार रही है। कई बार चेतावनी और शिकायतों के बावजूद प्रबंधन ने आवश्यक सुधार नहीं किए। उनका कहना है कि डेम की नियमित निगरानी और रखरखाव में कमी के कारण ही इस तरह की घटना सामने आई है।

यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि राखड़ डेम जैसे संवेदनशील स्थलों पर नियमित निरीक्षण, दबाव नियंत्रण और आपातकालीन प्रबंधन प्रणाली का मजबूत होना बेहद जरूरी है।

कोरबा, जो कि छत्तीसगढ़ का प्रमुख औद्योगिक और ऊर्जा उत्पादन केंद्र है, वहां इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। मजदूरों की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं, लेकिन ठोस सुधार नजर नहीं आ रहे हैं।

इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है और लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है। प्रशासन और प्रबंधन पर अब दबाव बढ़ गया है कि वे इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

फिलहाल, सभी की निगाहें राहत और बचाव कार्य पर टिकी हैं। यह घटना न केवल एक मजदूर की जिंदगी के लिए संकट बनी है, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को भी उजागर कर रही है। अब यह देखना होगा कि इस हादसे के बाद क्या वाकई कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं या फिर यह मामला भी अन्य घटनाओं की तरह समय के साथ दब जाएगा।