गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग, मुस्लिम समाज ने प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
बालाघाट में मुस्लिम जागृति मंच के बैनर तले मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और देशभर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गौवंश संरक्षण, बीफ निर्यात पर रोक तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रभावी कानून बनाने की मांग की गई।
UNITED NEWS OF ASIA. सायमा नाज़, बालाघाट l बालाघाट में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने तथा देशभर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने सोमवार शाम कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा। मुस्लिम जागृति मंच के बैनर तले सौंपे गए इस ज्ञापन में गौवंश संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते हुए केंद्र और राज्य सरकार से प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि गाय भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। ऐसे में गौवंश की सुरक्षा और संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ठोस नीति बनाई जानी चाहिए। मंच के प्रतिनिधियों ने मांग की कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए, ताकि इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए व्यापक कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।
मुस्लिम जागृति मंच ने केंद्र सरकार से देशभर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी की है। ज्ञापन में कहा गया कि विभिन्न राज्यों में गौवंश संरक्षण से जुड़े अलग-अलग कानून लागू हैं, लेकिन पूरे देश में एक समान और प्रभावी कानून बनाए जाने की आवश्यकता है। मंच का मानना है कि इससे गौवंश संरक्षण को मजबूती मिलेगी और इस विषय पर स्पष्ट कानूनी व्यवस्था स्थापित होगी।
ज्ञापन के माध्यम से देश में संचालित कत्लखानों को बंद करने और विदेशों में होने वाले बीफ निर्यात पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी उठाई गई। मंच के प्रतिनिधियों ने कहा कि गौवंश संरक्षण केवल धार्मिक या सांस्कृतिक विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक संवेदनाओं और राष्ट्रीय एकता से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है। इसलिए इस दिशा में व्यापक और सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
मुस्लिम जागृति मंच ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि गाय को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर विवाद, तनाव और हिंसा की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों को रोकने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए स्पष्ट एवं प्रभावी कानून की आवश्यकता है। मंच का कहना है कि यदि इस विषय पर व्यापक नीति बनाई जाती है तो समाज में शांति और आपसी विश्वास को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अतिरिक्त मंच ने गौवंश से प्राप्त चमड़े से निर्मित उत्पादों पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की है। ज्ञापन में जूते, बेल्ट, पर्स और अन्य चमड़े के उत्पादों के निर्माण एवं उपयोग पर रोक लगाने का सुझाव दिया गया है। मंच का कहना है कि इससे गौवंश के प्रति सम्मान की भावना और अधिक मजबूत होगी तथा संरक्षण संबंधी प्रयासों को भी बल मिलेगा।
मुस्लिम जागृति मंच ने केंद्र सरकार से आगामी संसदीय सत्र में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिए विधेयक लाने तथा गौवंश हत्या से जुड़े मामलों में कठोर दंड का प्रावधान करने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया कि इस संबंध में बनाए जाने वाले कानून सभी नागरिकों और संस्थाओं पर समान रूप से लागू होने चाहिए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान युनूस खान, रियाज अली, अंसार अहमद खान, रशीद खान, रफी अंसारी, शाहबाज खान, सोहेल खान, एजाज खान, सरफराज खान, इमरान कुरैशी, अनीस बेग वारासिवनी, अनीश मेमन सहित मुस्लिम समाज के अनेक प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।