रतलाम में 17 जुलाई को निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, इस्कॉन ने श्रद्धालुओं से की शामिल होने की अपील

अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) रतलाम द्वारा 17 जुलाई को भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। रथयात्रा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, शास्त्री नगर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जानकी मंडप परिसर पहुंचेगी। आयोजन में कीर्तन, भजन और महाप्रसाद वितरण भी होगा।

Jul 16, 2026 - 17:08
Jul 16, 2026 - 17:10
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रतलाम में 17 जुलाई को निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, इस्कॉन ने श्रद्धालुओं से की शामिल होने की अपील

UNITED NEWS OF ASIA. राजेश पुरोहित, रतलाम l अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) रतलाम द्वारा भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा महोत्सव 2026 का आयोजन शुक्रवार, 17 जुलाई को किया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन को लेकर शहर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आयोजन समिति ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से परिवार सहित रथयात्रा में शामिल होकर भगवान श्री जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।

इस्कॉन रतलाम के अनुसार रथयात्रा दोपहर 2:30 बजे शास्त्री नगर स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से प्रारंभ होगी। भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की सुसज्जित प्रतिमाओं को भव्य रथ पर विराजमान कर शहर के प्रमुख मार्गों से शोभायात्रा निकाली जाएगी। रथयात्रा का समापन बरबड़ रोड स्थित जानकी मंडप परिसर (हनुमान मंदिर) में होगा।

रथयात्रा का मार्ग शास्त्री नगर इस्कॉन सेंटर से शुरू होकर लोकेन्द्र टॉकीज, गायत्री टॉकीज, सैलाना बस स्टैंड, चेतक ब्रिज, राम मंदिर, भारत माता चौराहा, साथी पेट्रोल पंप और बरबड़ रोड होते हुए जानकी मंडप तक रहेगा। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए भगवान के दर्शन की विशेष व्यवस्था की जाएगी।

आयोजन समिति ने बताया कि रथयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दिव्य दर्शन का अवसर मिलेगा। श्रद्धालु भगवान के रथ की रस्सी खींचकर पुण्य लाभ अर्जित कर सकेंगे। धार्मिक आयोजन के दौरान हरिनाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन, आध्यात्मिक प्रवचन और महाप्रसाद वितरण भी किया जाएगा।

इस्कॉन रतलाम का कहना है कि भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, सद्भाव, भाईचारे और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देने वाला महापर्व है। यह आयोजन लोगों को भगवान कृष्ण की भक्ति से जोड़ने और भारतीय सनातन संस्कृति के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम भी है।

आयोजन समिति ने शहरवासियों से अपील की है कि वे मार्ग में भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त करें और अपने परिवार के साथ रथयात्रा में शामिल होकर इस आध्यात्मिक महोत्सव का हिस्सा बनें। समिति ने श्रद्धालुओं से आयोजन के दौरान अनुशासन बनाए रखने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने का भी आग्रह किया है।

हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इस्कॉन रतलाम ने सभी भक्तों को महाप्रसाद ग्रहण करने और भगवान श्री जगन्नाथ की कृपा प्राप्त करने के लिए सादर आमंत्रित किया है। रथयात्रा के माध्यम से पूरे शहर में भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण देखने को मिलेगा।