राम मंदिर चढ़ावा मामले पर कांग्रेस का हमला, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

बलरामपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित चढ़ावा एवं वित्तीय अनियमितता के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार और ट्रस्ट पर सवाल उठाए। पार्टी ने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच, फॉरेंसिक ऑडिट और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।

Jul 16, 2026 - 18:04
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राम मंदिर चढ़ावा मामले पर कांग्रेस का हमला, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी बलरामपुर द्वारा वाड्रफनगर में आयोजित पत्रकार वार्ता में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित चढ़ावा एवं वित्तीय अनियमितता के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार, भाजपा और आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाए गए। पत्रकार वार्ता का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव की मौजूदगी में जिला प्रभारी जे.पी. श्रीवास्तव ने किया।

पत्रकार वार्ता के दौरान जे.पी. श्रीवास्तव ने कहा कि भगवान राम करोड़ों भारतीयों की आस्था के केंद्र हैं और राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा एवं मेहनत की कमाई का योगदान दिया है। ऐसे में मंदिर निर्माण और चढ़ावे से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप अत्यंत गंभीर हैं तथा इनकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में पारदर्शिता का अभाव दिखाई देता है। उनका कहना था कि यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता नहीं हुई है तो स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच से किसी को परहेज नहीं होना चाहिए। पार्टी ने कहा कि कथित आरोपों के सामने आने से श्रद्धालुओं की भावनाओं और विश्वास को ठेस पहुंची है, इसलिए पूरे मामले की सच्चाई सामने आना जरूरी है।

पत्रकार वार्ता में ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इन घटनाक्रमों ने कई सवाल खड़े किए हैं, जिनका जवाब देश की जनता को मिलना चाहिए। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। पार्टी का कहना है कि ट्रस्ट के गठन, शीर्ष नियुक्तियों और प्रशासनिक निगरानी से जुड़े पहलुओं पर भी पारदर्शिता आवश्यक है।

कांग्रेस ने मांग की कि पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए। साथ ही कथित रूप से जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। पार्टी ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन तथा मंदिर से जुड़े चंदे, चढ़ावे और खर्च का फॉरेंसिक ऑडिट कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग रखी।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भगवान राम किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं, बल्कि देश की करोड़ों जनता की आस्था के केंद्र हैं। इसलिए यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई है तो दोषियों को कानून के दायरे में लाकर सच्चाई देश के सामने रखी जानी चाहिए।

पत्रकार वार्ता में जयप्रकाश जायसवाल, प्रशांत विश्वास (छोटू बंगाली), समीर सिंह देव, मोनीष अब्दुल्ला, विश्वजीत सिंह देव, अमित यादव, रामदेव जगते, सुनील गुप्ता, राजा चौबे, सत्यम यादव, बुद्धदेव पोया, सुषमा यादव, देवनारायण मराबी, इश्फाक खान (बबलू), संजीव यादव, राजेंद्र कुशवाहा, शिवमंगल आयाम, दिनेश दुबे, पूनम टेकाम, अतुल यादव, अजय यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।