प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि, 14.49 लाख माताओं को मिली 558.93 करोड़ की डीबीटी सहायता
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। राज्य में अब तक 14.49 लाख से अधिक पात्र महिलाओं को 558.93 करोड़ रुपये की डीबीटी सहायता प्रदान की जा चुकी है। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग ने योजना के नाम पर हो रही साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील भी की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। पारदर्शी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली, राज्य सरकार की सतत निगरानी तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्पित प्रयासों से लाखों गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तक समय पर आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है।
महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि प्रदेश में अब तक 14 लाख 49 हजार 309 पात्र हितग्राहियों का सफल पंजीयन किया जा चुका है। इन सभी महिलाओं के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 558.93 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी भुगतान प्रणाली के कारण लाभार्थियों को बिना किसी बिचौलिये के समय पर आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है, जिससे योजना का लाभ सीधे पात्र महिलाओं तक पहुंच रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना दुनिया की सबसे बड़ी डीबीटी आधारित मातृत्व सहायता योजनाओं में शामिल है। विभिन्न अध्ययनों में यह सामने आया है कि इस योजना से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य एवं पोषण में सकारात्मक सुधार हुआ है। इसके साथ ही मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में भी यह योजना प्रभावी साबित हो रही है।
लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि प्रत्येक गर्भवती महिला को सुरक्षित मातृत्व, बेहतर पोषण और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना भी है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा योजना की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है तथा पात्र हितग्राहियों का समयबद्ध पंजीयन सुनिश्चित किया जा रहा है।
योजना की सफलता के साथ-साथ विभाग ने साइबर ठगी को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मंत्री ने बताया कि कुछ जिलों में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के नाम पर फर्जी फोन कॉल कर महिलाओं से ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी या पैसे की मांग किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना से संबंधित किसी भी लाभ के लिए फोन पर ओटीपी, बैंक विवरण या किसी प्रकार की राशि की मांग नहीं की जाती।
उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि यदि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के नाम पर कोई अज्ञात व्यक्ति फोन कर बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी या पैसे की मांग करे तो उसकी बातों पर बिल्कुल भरोसा न करें। ऐसी किसी भी संदिग्ध स्थिति में तत्काल अपनी निकटतम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या संबंधित विभाग से संपर्क करें।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी जिलों को निर्देश जारी किए हैं कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से हितग्राही महिलाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाए और योजना से जुड़ी सही जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए। विभाग का उद्देश्य है कि प्रत्येक पात्र महिला को योजना का लाभ सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से मिले तथा कोई भी महिला साइबर ठगी का शिकार न बने।