नेटवर्क नहीं, फिर भी नोटिस तैयार! राजपुर BEO के आदेश से शिक्षकों में नाराजगी

बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड में नेटवर्क और तकनीकी समस्याओं के कारण उपस्थिति दर्ज करने में हुई देरी पर शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। तीन दिन के भीतर जवाब नहीं देने पर वेतन कटौती की चेतावनी से शिक्षकों में नाराजगी बढ़ गई है।

Jun 18, 2026 - 16:57
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नेटवर्क नहीं, फिर भी नोटिस तैयार! राजपुर BEO के आदेश से शिक्षकों में नाराजगी

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में शिक्षा विभाग एक बार फिर अपने प्रशासनिक फैसले को लेकर चर्चा में है। इस बार मामला राजपुर विकासखंड का है, जहां विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) द्वारा तकनीकी समस्याओं और नेटवर्क बाधाओं के कारण उपस्थिति दर्ज करने में हुई देरी पर शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में तीन दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर वेतन कटौती की चेतावनी भी दी गई है।

जानकारी के अनुसार, शासन के निर्देशों के तहत शिक्षकों को प्रतिदिन विद्यालय पहुंचने के बाद VSK (विद्या समीक्षा केंद्र) ऐप और GPS कैमरा के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होती है। लेकिन बलरामपुर जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की स्थिति लंबे समय से खराब बनी हुई है, जिससे ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में अक्सर दिक्कतें आती हैं।

शिक्षकों का कहना है कि जिस दिन नोटिस जारी किया गया, उस दिन GPS कैमरा ऐप लगातार अपडेट की मांग कर रहा था और सही तरीके से काम नहीं कर रहा था। वहीं कमजोर नेटवर्क के कारण फोटो अपलोड करने में भी काफी समय लग रहा था। इन तकनीकी परेशानियों के चलते उपस्थिति दर्ज करने में मात्र 11 मिनट की देरी हुई, जिसके बाद संबंधित शिक्षकों को नोटिस थमा दिया गया।

शिक्षकों का यह भी कहना है कि स्कूलों में सुबह प्रार्थना सभा, बच्चों की उपस्थिति और अन्य प्रारंभिक गतिविधियों में स्वाभाविक रूप से 15 मिनट या उससे अधिक समय लग जाता है। ऐसे में तकनीकी खामियों और नेटवर्क बाधाओं को नजरअंदाज कर सीधे कार्रवाई की चेतावनी देना व्यावहारिक नहीं माना जा सकता।

स्थानीय शिक्षकों और शिक्षक संगठनों ने इस कदम पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जब समस्या विभागीय ऐप और नेटवर्क व्यवस्था से जुड़ी है, तो इसकी जिम्मेदारी शिक्षकों पर नहीं डाली जानी चाहिए। शिक्षकों का तर्क है कि ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक परिस्थितियों को समझे बिना जारी किए गए ऐसे आदेश कर्मचारियों का मनोबल गिराने वाले हैं।

बलरामपुर जिले में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की समस्या कोई नई बात नहीं है। जिले के कई दूरस्थ गांवों और वनांचल क्षेत्रों में आज भी नेटवर्क की उपलब्धता बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में डिजिटल माध्यमों पर पूरी तरह निर्भर व्यवस्था कई बार प्रभावित होती रही है।

नोटिस जारी होने के बाद शिक्षा विभाग के इस निर्णय को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शिक्षकों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर व्यावहारिक समाधान निकालेंगे। फिलहाल पूरे मामले को लेकर शिक्षकों में असंतोष का माहौल है और वे इस कार्रवाई पर पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि जिला प्रशासन इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और तकनीकी खामियों के कारण उत्पन्न स्थिति में शिक्षकों को राहत मिलती है या नहीं।