3 अगस्त को निकलेगी भोरमदेव पदयात्रा, श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने किए व्यापक इंतजाम

कबीरधाम जिले में सावन के प्रथम सोमवार 3 अगस्त को भोरमदेव पदयात्रा आयोजित होगी। बूढ़ा महादेव मंदिर से भोरमदेव मंदिर तक 18 किलोमीटर की पदयात्रा के लिए जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य, पेयजल, बस सेवा, पार्किंग और यातायात सहित व्यापक व्यवस्थाएं की हैं।

Aug 2, 2026 - 16:52
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3 अगस्त को निकलेगी भोरमदेव पदयात्रा, श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने किए व्यापक इंतजाम

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। सावन के प्रथम सोमवार 3 अगस्त को ऐतिहासिक और धार्मिक आस्था का प्रतीक भोरमदेव पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर बूढ़ा महादेव मंदिर से विश्व प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर तक लगभग 18 किलोमीटर की पदयात्रा सुबह 7 बजे प्रारंभ होगी। पदयात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जिले के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं और आम नागरिकों से पदयात्रा में शामिल होने की अपील की है। साथ ही कबीरधाम जिले में पूर्व में सेवाएं दे चुके वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को भी इस आयोजन में आमंत्रित किया गया है।

जिला प्रशासन के अनुसार वर्षों से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा को प्रशासनिक सहयोग के साथ वर्ष 2008 से व्यवस्थित रूप से आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

पदयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समनापुर, बरपेलाटोला, कोडार, राजानवागांव, बाघुटोला, छपरी (गौशाला) तथा भोरमदेव मंदिर परिसर में शीतल पेयजल और जलपान की व्यवस्था रहेगी। स्वास्थ्य विभाग की चलित एम्बुलेंस पूरी पदयात्रा के दौरान साथ चलेगी। इसके अलावा मेडिकल बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहां श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य परीक्षण और प्राथमिक उपचार उपलब्ध रहेगा।

भोरमदेव मंदिर परिसर और आसपास कांवरियों एवं श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए विश्रामालय तैयार किए गए हैं। सावन माह के प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भंडारे का आयोजन किया जाएगा। भोजन के साथ व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए फलाहार की व्यवस्था भी की गई है।

पदयात्रा को आकर्षक बनाने के लिए भगवान शिव, भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक संदेशों पर आधारित धार्मिक एवं सांस्कृतिक झांकियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। यह झांकियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया जाएगा। सुबह से दोपहर तक समनापुर से भोरमदेव मार्ग पर चारपहिया और भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इन वाहनों के लिए लालपुर–सरोधा–भोरमदेव मार्ग को वैकल्पिक मार्ग के रूप में निर्धारित किया गया है। श्रद्धालुओं और वाहन चालकों की सुविधा के लिए छपरी स्कूल परिसर, ग्राम छपरी के निर्धारित स्थल तथा भोरमदेव मेला परिसर में पार्किंग की व्यवस्था की गई है।

पदयात्रा समाप्त होने के बाद श्रद्धालुओं को भोरमदेव से कवर्धा वापस लाने के लिए निःशुल्क बस सेवा उपलब्ध रहेगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यातायात नियमों और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करें। पूरे सावन माह में भोरमदेव क्षेत्र में "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष के साथ धार्मिक उत्साह का वातावरण बना रहेगा।