नगर पंचायत लखनपुर के ईदगाह में जलसा-ए-दस्तारबंदी का भव्य आयोजन, पाँच बच्चों ने किया हिफ़्ज़-ए-क़ुरआन मुकम्मल
सरगुजा जिले के लखनपुर नगर पंचायत स्थित ईदगाह में नमाज़-ए-ईशा के बाद जलसा-ए-दस्तारबंदी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मदरसा फैज़ाने औलिया के पाँच विद्यार्थियों की दस्तारबंदी कर उन्हें सम्मानित किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. लखनपुर (सरगुजा)। नगर पंचायत लखनपुर स्थित ईदगाह में गुरुवार 29 जनवरी को नमाज़-ए-ईशा के बाद जलसा-ए-दस्तारबंदी का भव्य एवं गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन में मदरसा फैज़ाने औलिया से शिक्षा प्राप्त कर हिफ़्ज़-ए-क़ुरआन मुकम्मल करने वाले पाँच बच्चों की दस्तारबंदी कर उन्हें सनद, फूल और गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया गया।
हाफ़िज़ बनने वाले विद्यार्थियों में हाफ़िज़ मोहम्मद फैज़ान रज़ा, मोहम्मद अंजर रज़ा, मोहम्मद शेर हसन, सोएब आलम एवं इसरार अंसारी शामिल हैं। कार्यक्रम में उपस्थित उलेमा-ए-किराम एवं समाजजनों ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए दुआएं कीं तथा उनके माता-पिता को भी इस उपलब्धि पर मुबारकबाद दी।
इस जलसे की सरपरस्ती पीर-ए-तरीक़त फैज़ाने हुज़ूर, हाफ़िज़-ए-मिल्लत हुज़ूर, नसीर-ए-मिल्लत, उस्तादुल उलमा हज़रत अल्लामा मौलाना मोहम्मद नसीरुद्दीन साहब क़िबला (उत्तर प्रदेश) द्वारा की गई।
कार्यक्रम में विशेष वक्ता के रूप में हज़रत अल्लामा मौलाना नुमान अख्तर फ़ायक़ुल जमाली (नवादा, बिहार) उपस्थित रहे, जिन्होंने कुरआन की तालीम, समाज में नैतिकता और नई पीढ़ी के सही मार्गदर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला।
जलसे में विशेष शायर के रूप में मौलाना अज़मत रज़ा भागलपुरी एवं मौलाना महमूद मज़हर मिस्बाही ने अपनी शायरी से कार्यक्रम को रौनक़ बख़्शी। वहीं नकीब-ए-इजलास की ज़िम्मेदारी कारी हसन फैज़ी साहब ने निभाई।
स्थानीय उलेमा-ए-किराम और शोअरा-ए-आज़म द्वारा तक़रीर और नातख़्वानी प्रस्तुत की गई, जिसे उपस्थित जनसमूह ने बेहद सराहा।
कार्यक्रम के दौरान ख़्वातीनों के बैठने के लिए अलग से मुकम्मल व्यवस्था की गई थी। साथ ही जलसे में शरीक होने वाले सभी लोगों के लिए लंगर का भी विशेष इंतज़ाम किया गया, जिससे आयोजन की गरिमा और बढ़ गई।
इस अवसर पर जामा मस्जिद के इमाम ख़लीदुल क़ादरी, मौलाना हसन रज़ा, मौलाना कमरुद्दूज़्ज़ा, सफ़ीउल्लाह, समीउल्लाह, हाफ़िज़ शमशीर, कमेटी के सदर हाजी इदरीश ख़ान, नसरत अली, नूमान ख़ान, ताहिर नूर, नूर मोहम्मद, मतीन अख्तर, महबूब हैदर, मनव्वर ख़ान, मकसूद हैदर, मो. इरशाद ख़ान सहित बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग उपस्थित रहे।
जलसा-ए-दस्तारबंदी का यह आयोजन धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक एकता का संदेश देता नजर आया।