212 बटालियन सीआरपीएफ ने एटापाका में ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई
एटापाका में 212 बटालियन सीआरपीएफ द्वारा भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाई गई। कार्यक्रम में कमांडेंट दीपक कुमार श्रीवास्तव सहित सीआरपीएफ अधिकारी, विद्यालय के शिक्षक एवं छात्र उपस्थित रहे।
UNITED NEWS OF ASIA. एटापाका । 212 बटालियन केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) द्वारा भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक भव्य और प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन राजकीय जनजातीय कल्याण उच्च प्राथमिक विद्यालय, एटापाका के परिसर में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव के वातावरण में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का नेतृत्व कमांडेंट दीपक कुमार श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या रामा देवी, अजय प्रताप सिंह (डी/सी), गौरव शर्मा (डी/सी), डॉ. श्याम कुमार नेटावत (एसएमओ) एवं निशांत सूद (ए/सी) सहित सीआरपीएफ के अधिकारी, जवान, विद्यालय के शिक्षक-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान सीआरपीएफ के जवानों और विद्यालय के विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम’ का गायन किया, जिससे पूरा परिसर देशभक्ति की भावना से गूंज उठा। छात्रों में राष्ट्रप्रेम और गर्व की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
इस अवसर पर अपने संबोधन में कमांडेंट दीपक कुमार श्रीवास्तव ने स्वतंत्रता संग्राम में ‘वंदे मातरम’ के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह गीत केवल शब्दों का संकलन नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, स्वतंत्रता संग्राम की चेतना और राष्ट्रभक्ति की भावना का प्रतीक है। ‘वंदे मातरम’ ने आज़ादी की लड़ाई में देशवासियों को एकजुट किया और आज भी यह गीत नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं और विद्यार्थियों में देशप्रेम, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है, जो राष्ट्र की प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में सीआरपीएफ द्वारा विद्यालय प्रशासन एवं विद्यार्थियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया। पूरे आयोजन ने स्थानीय समुदाय और विद्यार्थियों के बीच देशभक्ति की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।