रतलाम मंडल हरित ऊर्जा की ओर अग्रसर, सौर ऊर्जा से करोड़ों की बचत
पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने 2025-26 में 35.53 लाख यूनिट सौर ऊर्जा उत्पादन कर ₹1.84 करोड़ की बचत की। यह पहल हरित रेलवे और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम है।
UNITED NEWS OF ASIA. राजेश पुरोहित, रतलाम l बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और पर्यावरण संरक्षण की चुनौतियों के बीच भारतीय रेलवे नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इसी दिशा में Indian Railways के अंतर्गत पश्चिम रेलवे का रतलाम मंडल सौर ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। मंडल की यह पहल न केवल आर्थिक दृष्टि से लाभकारी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में रतलाम मंडल ने लगभग 35.53 लाख यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन किया है। इस उपलब्धि के माध्यम से रेलवे को करीब 1.84 करोड़ रुपये की बचत हुई है, जो इसकी कार्ययोजना और प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है। इस पूरे अभियान को मंडल रेल प्रबंधक श्री अश्वनी कुमार के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर (पावर) लेफ्टिनेंट डी.के. प्रजापति के निर्देशन में योजनाबद्ध तरीके से संचालित किया जा रहा है।
रतलाम मंडल द्वारा विभिन्न रेलवे परिसरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं। इन सोलर प्लांट्स की नियमित निगरानी और रखरखाव भी सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे ऊर्जा उत्पादन में निरंतरता बनी रहे। वर्ष 2025-26 के दौरान मंडल ने 8 विभिन्न स्थानों पर कुल 388 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट स्थापित किए हैं। इन स्थानों में Indore, Dewas और Dr. Ambedkar Nagar जैसे प्रमुख स्टेशन और रेलवे कार्यालय शामिल हैं।
वर्तमान समय में रतलाम मंडल में कुल लगभग 3299 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल स्थापित हो चुके हैं, जिनसे निरंतर ऊर्जा उत्पादन हो रहा है। इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता में कमी आई है और कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा रही है। यह कदम जलवायु परिवर्तन से निपटने और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है।
रेलवे प्रशासन भविष्य में और अधिक स्थानों पर सोलर सिस्टम स्थापित करने की योजना बना रहा है, जिससे ऊर्जा उत्पादन को और बढ़ाया जा सके। इसके साथ ही रेलवे का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में अधिकतम ऊर्जा जरूरतों को नवीकरणीय स्रोतों से पूरा किया जाए।
रतलाम मंडल की यह पहल “हरित रेलवे” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मजबूत और प्रेरणादायक कदम है। इससे न केवल रेलवे की परिचालन लागत में कमी आ रही है, बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी भी निभाई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहलें देश में सतत ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। रतलाम मंडल का यह प्रयास अन्य मंडलों और संस्थानों के लिए भी एक आदर्श उदाहरण बनकर उभर रहा है, जो ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम कर रहे हैं।